नासिक: अपने बगीचे के आम खाने से कई महिलाओं का बांझपन ठीक होने और उन्हें पुत्ररत्न की प्राप्ति होने से जुड़े कथित बयान को लेकर मामले का सामना कर रहे हिंदूत्ववादी नेता संभाजी भिडे को शुक्रवार को एक स्थानीय अदालत से जमानत मिल गई. ‘शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान’ के प्रमुख संभाजी भिडे (87) ने इस साल जून में एक सार्वजनिक रैली में यह टिप्पणी की थी.

संभाजी भिडे ने दावा किया था, मैंने अपनी मां के अलावा यह कभी किसी से साझा नहीं किया. मैंने अपने बगीचे में यह आम के पौधे लगाए थे. अब तक 180 नि:संतान दंपती मुझसे यह फल ले जा चुके हैं और उनमें से 150 के बच्चे हैं. उन्होंने 10 जून को हुई रैली में कहा था, ”अगर कोई दंपती पुत्र चाहता है तो यह आम खाने के बाद उनको यह होगा. यह आम उन लोगों के लिए लाभदायक हैं, जो बांझपन का सामना कर रहे हैं.

भिडे के वकील अविनाश भिडे ने कहा कि संभाजी शुक्रवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट जयदीप पांडेय की अदालत में पेश हुए और उन्हें 15 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई.

एक सामाजिक कार्यकर्ता ने संभाजी भिडे के खिलाफ पुणे के अतिरिक्त निदेशक (स्वास्थ्य) से कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद अतिरिक्त निदेशक के निर्देश पर नासिक नगर निगम की तरफ से मामला दर्ज कराया गया था.