मुंबई: एनसीबी के मुंबई क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने रविवार को मुंबई पुलिस आयुक्त से संपर्क किया और अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कथित सतर्कता संबंधी मामले में फंसाने के लिए उनके खिलाफ ‘योजनाबद्ध’ कानूनी कार्रवाई किए जाने से सुरक्षा मांगी. मुंबई में एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि “यह सुनिश्चित करें कि मुझे गलत उद्देश्यों से फंसाने के लिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाए.”Also Read - कांग्रेस MLA ने विधानसभा में छिड़का 'गंगा जल', स्पीकर बोले- ये ड्रामा हॉल नहीं, अपनी सीट पर जाएं

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ड्रग केस में बॉलीवुड एक्‍टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी को लेकर विवाद के केंद्र में आए वानखेड़े ने पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले को संबोधित अपने एक पन्ने के पत्र में कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ अज्ञात व्यक्ति कथित सतर्कता संबंधी मामले में फंसाने के लिए उनके खिलाफ ‘योजनाबद्ध’ कानूनी कार्रवाई की योजना बना रहे हैं. एनसीबी के मुंबई क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने आगे उल्लेख किया कि उप महानिदेशक (डीडीजी) मुथा अशोक जैन ने पहले ही उक्त मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) को भेज दिया है. Also Read - महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने कहा- कांग्रेस के बिना विपक्षी एकता संभव नहीं, सब एकजुट हों

साल 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी वानखेड़े ने किसी का नाम लिए बिना दावा किया अत्यधिक सम्मानित सार्वजनिक व्यक्तियों ने उन्हें मीडिया के माध्यम से उन्हें जेल भेजने और बर्खास्तगी की धमकी जारी की है. उन्होंने पुलिस आयुक्त से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि उन्हें गलत मंशा से फंसाने के लिए ऐसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाए.

गवाह का दावा किया कि NCB अफसर ने आर्यन खान को छोडने के लिए 25 करोड़ रुपए की मांग की थी
बता दें कि मादक पदार्थ की जब्ती मामले में नया मोड़ देते हुए एक ‘स्वतंत्र गवाह’ ने रविवार को दावा किया कि एनसीबी के एक अधिकारी और फरार गवाह केपी गोसावी सहित कुछ अन्य लोगों ने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के गिरफ्तार बेटे आर्यन खान को छोडने के लिए 25 करोड़ रुपए की मांग की थी.

दावा, आठ करोड़ रुपए समीर वानखेडे को देने थे
‘स्वतंत्र गवाह’प्रभाकर सैल ने दावा किया कि आर्यन को तीन अक्टूबर को एनसीबी कार्यालय लाने के बाद उन्होंने गोसावी को फोन पर सैम डिसूजा नामक एक व्यक्ति से 25 करोड़ रुपए की मांग करने और मामला 18 करोड़ रूपये पर तय करने के बारे में बात करते हुए सुना था, क्योंकि उन्हें ”आठ करोड़ रुपये समीर वानखेडे (एनसीबी के जोनल निदेशक) को देने थे. प्रभाकर सैल ने मीडिया से कहा कि एनसीबी अधिकारियों ने उनसे नौ से 10 कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए भी कहा. हालांकि,

एनसीबी अधिकारी ने आरोपों को झूठ और दुर्भावनापूर्ण बताया है
एनसीबी अधिकारी ने आरोपों से इनकार करते हुए इसे पूरी तरह से झूठ और दुर्भावनापूर्ण बताया है. इस बीच, एनसीबी ने कहा कि वानखेडे ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. एजेंसी ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और सैल को अगर कुछ कहना है तो अदालत में अर्जी देनी चाहिए. मुंबई में एनसीबी के उप महानिदेशक (डीडीजी) मुथा अशोक जैन ने एक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया के जरिये उन्हें पता चला है कि सैल मामले में गवाह है.

समीर वानखेडे के नेतृत्व में 3 अक्टूबर को आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था
एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेडे के नेतृत्व में इस महीने की शुरुआत में एजेंसी ने ड्रग का भंडाफोड़ किया था और उसके बाद मामले में तीन अक्टूबर को आर्यन खान को गिरफ्तार किया था. इस समय आर्यन मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं. आर्यन खान की जमानत अर्जी पर बंबई उच्च न्यायालय में संभवत: 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

प्रभाकर सैल 2018 के एक धोखाधड़ी मामले में फरार है
प्रभाकर सैल, गोसावी के निजी अंगरक्षक के तौर पर काम करता था, जो वर्ष 2018 के एक धोखाधड़ी मामले में फरार है. सैल छापेमारी की रात गोसावी के साथ था. सैल ने दावा किया कि आर्यन खान को एनसीबी कार्यालय लाए जाने के बाद गोसावी ने डिसूजा से मुलाकात की.

सोशल मीडिया के बजाय जरिए अदालत के समक्ष बात रखें
बयान में उन्होंने कहा, ”जैसा कि वह ( प्रभाकर सैल) मामले में गवाह हैं और मामला माननीय अदालत के समक्ष विचाराधीन है, उन्हें कुछ कहना है तो अदालत के समक्ष अनुरोध करना चाहिए, बजाय सोशल मीडिया के जरिए बात कहने की. उन्होंने कहा कि हलफनामे में कुछ लोगों के खिलाफ सतर्कता (विजिलेंस) संबंधी आरोप भी हैं जो प्रभाकर सैल द्वारा दूसरे लोगों से सुनी गई बातों पर आधारित है. बयान में कहा गया, मुंबई के जोनल निदेशक समीर वानखेडे ने विशेष तौर पर इन आरोपों को खारिज किया है. हलफनामे की कुछ सामग्री सतर्कता से जुडी है, इसलिए हम उन्हें एनसीबी निदेशक को भेज रहे हैं और उनसे आगे की जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध कर रहे हैं.

हलफनामें में दावा, गोसावी को 50 लाख रुपए प्राप्त हुए, बाद में उसने 38 लाख रुपये लौटाए
सैल ने नोटरी द्वारा सत्यापित हलफनामा तैयार किया और दावा किया कि उसने अदालत में इसे जमा किया है. सैल का दावा है कि दो लोगों द्वारा गोसावी को 50 लाख रुपए प्राप्त हुए और बाद में उसने 38 लाख रुपये लौटा दिए. सैल ने दावा किया कि वह दो अक्टूबर की सुबह एनसीबी कार्यालय गया और देखा कि गोसावी ,एनसीबी अधिकारी के साथ नीचे आ रहा है. एनसीबी के जोनल निदेशक भी अपने कार्यालय से बाहर आए थे.

 सैल का दावा, केवल मुनमुन धामेचा की पहचान की थी
सैल ने दावा किया कि दोपहर को गोसावी ने 10-12 तस्वीरें उसके मोबाइल फोन पर भेजी और पूछा कि क्या वह इनमें से किसी को जानता है. सैल ने उनमें से केवल मुनमुन धामेचा की पहचान की थी. सैल का दावा है कि छापेमारी के बाद गोसावी एनसीबी अधिकारियों के साथ सफेद इनोवा कार में आर्यन खान को एनसीबी कार्यालय ले गया.

सैल की इस दावे ने सियासी भूचाल ला दिया
सैल ने हलफनामे में दावा किया कि बाद में डीसूजा और गोसावी निचले परेल इलाके में गए जहां नीले रंग की मर्सिडीज में शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी वहां आईं। गोसावी और ददलानी कार में बैठै और बातचीत की। वे 15 मिनट बाद वापस चले गए. सैल ने दावा किया कि गोसावी ने आखिरी बार 21 अक्टूबर को उसे कॉल किया और कहा कि वह देश में नहीं है. उसने बताया कि वह जल्द पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा.
सैल की इस दावे ने सियासी भूचाल ला दिया है.

नाना पटोले ने राज्य सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की
महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने रविवार को राज्य सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि नए खुलासे ने एनसीबी की कार्रवाई पर सवाल पैदा कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीबी की कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा राज्य की महा विकास आघाडी सरकार को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा होने की आंशका है. पटोले ने कहा, ”स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल ने हलफनामे में शाहरुख खान से 25 करोड़ रुपये मांगने और करार 18 करोड़ रुपए में तय होने का दावा किया है. राज्य सरकार को इन आरोपों पर संज्ञान लेना चाहिए.

नवाब मलिक बोले- वानखेडे ”मुंबई फिल्म उद्योग से वसूली करने और आतंकित करने में शामिल हैं
इस बीच, मादक पदार्थ की बरामदगी मामले को लगातार फर्जी बता रहे महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि सैल का दावा बहुत गंभीर है और उन्होंने इसकी जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की. बीड में पत्रकारों से बातचीत में मलिक ने अपने आरोप को दोहराया कि वानखेडे ”मुंबई फिल्म उद्योग से वसूली करने और आतंकित करने में शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि वह सैल के दावे की एसआईटी जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सोमवार को मुलाकात करेंगे.

शिवसेना सांसद राउत ने कहा- ये मामले महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए बनाए गए हैं
शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट किया, ”आर्यन खान मामले में गवाह से एनसीबी द्वारा कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाना स्तब्ध करने वाला मामला है. ऐसी भी खबर है कि बड़ी राशि की मांग की गई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि ये मामले महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए बनाए गए हैं. ऐसा लग रहा है कि यह सच साबित हो रहा है. पुलिस को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए.