मुंबई. महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुंबई विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सी विद्यासागर राव ने मंगलवार की रात गंभीर लापरवाही बरतने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय देशमुख को पद से हटा दिया. माना जा रहा है कि इस तरह का फैसला पहली बार मुंबई विश्वविद्यालय के किसी कुलपति के खिलाफ लिया गया है.Also Read - महाराष्ट्र: आरएसएस मुख्यालय और नागपुर हवाई अड्डे को घोषित किया जा सकता है ड्रोन रहित क्षेत्र, जानिए क्यों

इस फैसले के पीछे का कारण यह बताया जा रहा है कि डॉ संजय देशमुख की लापरवाही के कारण विश्वविद्यालय के परीक्षा नतीजों में अत्यधिक देरी हुई. इससे नाराज होकर यह फैसला लिया गया. राजभवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल ने महाराष्ट्र सरकारी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के तहत संजय देशमुख को मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति पद से हटा दिया. Also Read - Extra Marital Affair: पति-पत्‍नी, लेकिन दोनों के प्‍यार की राहें जुदा, कैब में कराया मर्डर

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2017 की गर्मियों में करायी गयीं परीक्षाओं के नतीजे की अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा के भीतर घोषणा करने के लिहाज से गंभीर लापरवाही बरतने और इसके लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का कार्यान्वयन नहीं करने के लिए ये कार्रवाई की गई. इसमें कहा गया, ऐसा परीक्षा नतीजे जल्द घोषित करने के संबंध में समय समय पर कुलाधपति द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन ना करने के लिए किया गया. Also Read - पति की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए महिला ने 1 करोड़ रुपए का मंदिर में किया गुप्‍त दान, कोरोना से हुई थी मौत

इससे पहले परीक्षा नतीजे घोषित करने में देरी को लेकर छात्रों, विपक्षी दलों और सरकार द्वारा कुलपति की आलोचना करने के बाद राज्यपाल ने उन्हें अगस्त में छुट्टी पर भेज दिया था.

भाषा इनपुट