नई दिल्ली: कांग्रेस ने टिकट वितरण से नाराज संजय निरूपम को शुक्रवार को नसीहत दी कि उन्हें संयम बरतना चाहिए और षड्यंत्र की कहानी गढ़ने एवं खयाली पुलाव पकाने से बचना चाहिए. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यह सवाल भी किया कि मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निरूपम उस वक्त सवाल क्यों उठा रहे हैं जब एक सीट पर उनकी पसंद के मुताबिक टिकट नहीं दिया गया? उन्होंने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर के बारे में भी यही कहा कि उन्हें भी संयम बरतना चाहिए.

निरूपम के बयान के बारे में पूछे जाने पर तिवारी ने कहा, मैंने संजय निरूपम का ट्वीट देखा. ऐसा लगता कि वह अपनी सिफारिश के मुताबिक एक टिकट नहीं मिलने से नाराज थे. संजय निरूपम वरिष्ठ नेता हैं और उनको संयम से काम लेने की जरूरत है. षड्यंत्र वाली कहानी बताने से कुछ फायदा नहीं होने वाला है.

सोनिया गांधी से जुड़े लोग राहुल के करीबियों को बना रहे हैं निशाना: संजय निरुपम

मनीष तिवारी ने कहा, जब टिकट का वितरण होता है तो कई बार ऐसा होता है कि हम जिसका नाम सुझाते हैं तो उसे टिकट नहीं मिलता. संजय निरूपम जी से पूछना चाहिए कि वह उस समय सवाल क्यों कर रहे हैं जब उनको उनके मुताबिक एक टिकट नहीं मिला? ऐसा लगता है कि निरूपम का मन विचलित है. मेरी राय है कि उन्हें अपनी कल्पनाओं पर लगाम लगाने की जरूरत है. वह खयाली पुलाव नहीं पकाएं.

अशोक तंवर की नाराजगी एवं बयानों के बारे में पूछे जाने पर भी तिवारी ने कहा कि तंवर को भी संयम बरतना चाहिए. ऐसे लोगों को गहराई से सोचना चाहिए कि उनके कदम से पार्टी कमजोर तो नहीं होती है? दोनों नेताओं (तंवर और निरूपम) को आत्मचिंतन की जरूरत है कि क्या उनकी बातों से उन ताकतों को मदद नहीं मिल रही है जिन्होंने इस देश का भट्टा बैठा दिया.

अशोक तंवर ने हरियाणा के लिए बनी कांग्रेस की विभिन्न समितियों से दिया इस्तीफा

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है. पार्टी की मुंबई इकाई के पूर्व प्रमुख संजय निरुपम ने पार्टी के अलाकमान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं करेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली में साजिश चल रही है और सोनिया गांधी से जुड़े लोग राहुल के करीबियों को अलग-थलग कर रहे हैं. संजय निरुपम मुंबई की वर्सोवा विधानसभा सीट से अपने किसी करीबी के लिए टिकट चाहते थे, लेकिन पार्टी ने इनकार कर दिया. जिस पर उन्होंने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी आलाकमान पर जमकर भड़ास निकाली.

कुछ ऐसा ही हाल हरियाणा कांग्रेस का है. हरियाणा में टिकट वितरण में अपने समर्थकों की अनदेखी से नाराज कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने विधानसभा चुनाव के लिए बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफा तक दे दिया है. इससे पहले तंवर और उनके समर्थकों ने बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया तथा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

(इनपुट-भाषा)