जमानत के बाद जेल से बाहर आए संजय राउत, पार्टी ने कहा- 'टाइगर इज बैक'

पात्रा चॉल मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering Case) मामले में जमानत मिलने के बाद शिवसेना (Shiv Sena) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) देर शाम मुंबई की ऑर्थर रोड जेल (Arthur Road Jail) से बाहर आ गए.

Published date india.com Updated: November 9, 2022 7:52 PM IST
शिवसेना सांसद संजय राउत 101 दिन बाद जेल से बाहर आए. Photo- PTI
शिवसेना सांसद संजय राउत 101 दिन बाद जेल से बाहर आए. Photo- PTI

पात्रा चॉल मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering Case) मामले में जमानत मिलने के बाद शिवसेना (Shiv Sena) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) देर शाम मुंबई की ऑर्थर रोड जेल (Arthur Road Jail) से बाहर आ गए. शिवसेना सांसद ने जेल में 101 दिन बिताए हैं. उधर, उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (Shiv Sena) ने पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत को धनशोधन के एक मामले में जमानत दिये जाने के बाद कहा कि ‘शेर लौट आया है.’

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने संवाददाताओं से कहा कि जब तक पार्टी में संजय राउत जैसे नेता हैं, उसे कोई डर नहीं है. पार्टी की उप नेता ने कहा, ‘टाइगर इज बैक (शेर लौट आया है).’ मालूम हो कि राज्यसभा सदस्य संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय ने इसी साल 31 जुलाई को गिरफ्तार किया था.

जमानत पर रोक से अदालत का इनकार

उधर, बंबई हाईकोर्ट ने शिवसेना सांसद संजय राउत को विशेष अदालत से मिली जमानत पर तत्काल रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि वह इस तरह का आदेश दोनों पक्षों को सुने बिना नहीं पारित कर सकती. इसके साथ ही इसने मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार का दिन तय किया. एक विशेष अदालत ने राउत और सह-आरोपी प्रवीण राउत की जमानत दिन में मंजूर कर ली थी और शुक्रवार तक इस जमानत आदेश पर रोक का प्रवर्तन निदेशालय का अनुरोध ठुकरा दिया था. इसके बाद ED ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया.

गुरुवार को होगी सुनवाई

न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ ने, हालांकि ईडी को कोई राहत देने से इनकार कर दिया कि जब जमानत मंजूर की जा चुकी है तो वह दोनों पक्षों को सुने बिना ऐसी रोक नहीं लगा सकती. उन्होंने कहा, ‘मैंने आदेश को देखा तक नहीं है. मुझे नहीं पता कि किस आधार पर जमानत दी गई है. मुझे नहीं पता कि आपने (ईडी) ने किस आधार पर आदेश को चुनौती दी है. भले ही मुझे अभी प्रथम दृष्टया आदेश ही देना पड़े, लेकिन मैं संबद्ध पक्षों को सुने बिना रोक कैसे लगा सकती हूं. अदालत ने कहा कि वह इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगी.

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