मुंबई: शिवसेना ने एक समय अपनी सहयोगी रही भाजपा पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी किसी एक जाति या दल तक सीमित नहीं हैं. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने साप्ताहिक लेख ‘रोकटोक’ में कहा कि छत्रपति शिवाजी किसी एक वर्ग विशेष या दल से संबंधित नहीं थे बल्कि वह महाराष्ट्र के 11 करोड़ लोगों से जुड़े हैं, फिर चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो.

राउत ने मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी पर केंद्रित चुनाव प्रचार मुहिम के लिए भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा यह प्रचार कर रही है कि वह ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसे शिवाजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त है. इसके बावजूद भाजपा उम्मीदवार उदयनराजे भोसले सातारा लोकसभा उपचुनाव हार गए. छत्रपति शिवाजी के वशंज भोसले राकांपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे और 21 अक्टूबर को राज्य विधानसभा के साथ हुए लोकसभा उपचुनाव में उन्हें राकांपा के श्रीनिवास पाटिल के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.

राउत ने कहा कि शिवाजी महाराज ने हमें सिखाया कि महाराष्ट्र घमंड और पाखंड को बर्दाश्त नहीं करता. जब लोग शिवाजी महाराज के नाम पर शपथ लेते हैं, लेकिन अपने वादे पूरा नहीं करते और स्वयं को राज्य के शासकों के रूप में देखने लगते हैं तो यह उनके पतन का संकेत है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने अरब सागर में शिवाजी मेमोरियल पर काम शुरू भी नहीं किया है जबकि पड़ोसी गुजरात में उसकी सरकार ने सरदार पटेल की प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा कर लिया.

बता दें कि भाजपा और शिवसेना ने विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था और 288 सदस्यीय सदन की 161 सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन पाने के लिए यह गठबंधन टूट गया था.