नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में बीजेपी- शिवसेना के बीच राज्‍य में सरकार बनाने को लेकर अब और खींचतान बढ़ गई है. शिवसेना ने दावा किया है कि अगर शिवसेना ठान ले तो स्‍थाई सरकार बनाने के लिए बहुमत के लिए जरूरी संख्‍या जुटा लेगी. ये बात पार्टी के सांसद प्रवक्‍ता संजय राऊत ने शुक्रवार को ट्वीट करके कही है.  इतना ही नहीं, शिवसेना नेता राउत ने कविता के रूप में बीजेपी हाईकमान को इशारे-इशारे में ट्वीट सेे चेतावनी भी दे डाली है. उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा.

बता दें इस वक्‍त शिवसेना बीजेपी पर अपना पूरा दबाव बनाने की कोशिश में है, जबकि बीजेपी पहले ही अपना मुख्‍यमंत्री और शिवसेना के समर्थन से सरकार बनाने की बात कहा चुकी है.

गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ सत्ता की साझेदारी को लेकर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से होगा. राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भाजपा और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है.

राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, “भाजपा को कोई अल्टीमेटम (सरकार गठन पर) नहीं दिया गया है. वे बड़े लोग हैं.”उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना फैसला लेती है तो उसे महाराष्ट्र में स्थिर सरकार के गठन के लिए जरूरी संख्या मिल सकती है. लोगों ने “50:50 फॉर्मूले” के आधार पर सरकार बनाने के लिए जनादेश दिया था. इस फॉर्मूले पर महाराष्ट्र के लोगों के समक्ष सहमति बनी थी.

शिवसेना नेता संजय राउत ने एक कविता लिखकर भी बीजेपी के आलाकमान को सांकेतिक रूप से चेताया है.

बता दें कि गुरुवार को शिवसेना और भाजपा के बीच चल रही जबरदस्त रस्साकशी के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी , जिससे राज्य में सरकार बनाने के एक नए विकल्प को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया. राउत पवार के दक्षिणी मुंबई स्थित आवास पर उनसे म‍िले. इससे पहले शिवसेना के नेता राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्यिारी से मुलाकात करके किसानों की समस्‍याएं हल करने की मांग की थी, जिसे राज्‍यपाल ने तुरंत केंद्र सरकार तक पहुंचा दिया था और कल ही केंद्र सरकार की ओर से किसानों की समस्‍याओं पर विचार करने का आश्‍वासन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर मिल गया था.

भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री को लेकर रस्साकशी काफी तेज हो हो चुकी है. बीजेपी 105 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. शिवसेना के पास 56 विधायक हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत 145 है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 54 और कांग्रेस के 44 विधायकों की संख्‍या हैं.