नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में सरकार के गठन को लेकर बीजेपी-शिवसेना के बीच मचे अंदरूनी घमासान के बीच शिवसेना के एक नेता का बड़ा बयान आया है. पार्टी के सांसद व मुख्‍य प्रवक्‍ता संजय राऊत से जब पूछा गया कि चुनाव पूर्व बीजेपी से गठबंधन होने के बावजूद भी सरकार बनाने में देरी क्‍यों हो रही है तो उन्‍होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, यहां कोई दुष्‍यंत नहीं है, जिसका पिता जेल में हो. यहां ही हम हैं जो धर्म और सत्‍य की राजनीति करते हैं.Also Read - Parliament Winter Session: विपक्षी नेताओं ने की मुलाकात, वेंकैया नायडू की दो टूक-सांसदों को माफी मांगनी ही होगी

राउत ने कहा कि शरद जी ने बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ वातावरण तैयार किया, जो कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएगी. शिवसेना नेता राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे जी कह चुके हैं कि हमारे पास और भी विकल्‍प हैं, लेकिन हम उस विकल्‍प को स्‍वीकार करके पाप नहीं करना चाहते. शिवसेना ने हमेशा सच की राजनीति की है. हम ताकत के लिए भूखे नहीं हैं. Also Read - कब बहाल होगा जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा? भाजपा बोली- पहले चुन कर की जा रही हत्याएं बंद हों

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बता दें कि चुनाव परिणाम के सामने आते-आते बीजेपी शिवसेना के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी. इसके बाद दोनों दलों ने निर्दलीय और छोटी पार्टियों के विधायकों के अपने- अपने पाले में करने की कोशिश में जुट गए थे. बीजेपी जहां अपना मुख्‍यमंत्री 5 साल के लिए रखना चाहती है, वहीं, शिवसेना 50-50 फॉर्मूले की बात कर रही है.

महाराष्ट्र भाजपा ने सोमवार को कहा कि उसके पास 15 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वह शिवसेना के साथ मिलकर अगली सरकार ‘आराम’ से बना लेगी. भाजपा का यह बयान शिवसेना द्वारा सरकार में बराबर साझेदारी और मुख्यमंत्री पद पूरे कार्यकाल के आधे-आधे समय में बाटंने की मांग के बीच आया है. बीजेपी ने कहा कि 105 अपने विधायकों के अलावा भाजपा के पास 15 निर्दलीय विधायकों का साथ है. बीजेपी ने सोमवार को निर्दलीय उम्‍मीदवार विनोद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करके बीजेपी सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन व्‍यक्‍त किया.

महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं. शरद पवार नीत एनसीपी ने 54 सीट जीतीं हैं, जबकि कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.