Sasuraal Genda Phool: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने मजेदार फैसला दिया है जो शादीशुदा लोगों के लिए एक नजीर की तरह काम करेग. कोर्ट ने सास-ससुर के खिलाफ बहू की शिकायत के एक मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि ससुराल में हंसी-मजाक और सास-ससुर के ताने शादीशुदा जिंदगी का हिस्सा है. ये तो हर परिवार में होता ही है. Also Read - Drugs Case: महाराष्ट्र के मंत्री Nawab Malik के दामाद Sameer Khan को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

बहू ने अपने सास-ससुर पर ससुराल में बुरा व्यवहार करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मुंबई (Mumbai) में सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मालाबार हिल के निवासी 80 और 75 साल के बुजुर्ग दंपति को बुधवार को अग्रिम जमानत दे दी. हालांकि दुबई  चले जाने की आशंका के चलते सास-ससुर का पासपोर्ट कोर्ट  ने अपने पास जमा कर लिया है. Also Read - Maharashtra: एकता ही है हमारी ताकत, साबित किया यहां के मुस्लिमों ने, राम मंदिर के लिए किया दान

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शादी के बाद एक महिला ने सास-ससुर पर गलत तरीके से व्यवहार करने का और ताने देने का आरोप लगाया था. इसके साथ ही महिला ने उनकी याचिका को खारिज करने की अपील करते हुए कहा कि सास-ससुर कुछ संपत्तियों के मामले में भी इंटरनेशनल कॉन्सॉर्टियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की लिस्ट में हैं.

30 साल की महिला की शादी अब दुबई में बस चुके स्कूल फ्रेंड के साथ 2018 में हुई थी. महिला के अनुसार शादी के कुछ दिनों पहले ही रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज तैयार करते समय यह पता चला कि पति असल में घर में काम करने वाली का बेटा था, जिसे उसके ‘सास-ससुर’ ने पाल-पोसकर बड़ा किया था.

महिला के अनुसार सास-ससुर ने एक तो उसे कोई गिफ्ट नहीं दिया और ऊपर से डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के हीरे और सोने के आभूषण को भी अपने कब्जे में कर लिया, जिसे उसके पैरंट्स ने शादी में दिया था. साथ ही उसे फ्रिज छूने की इजाजत नहीं थी. उसे बासी खाना परोसा जाता था और लिविंग रूम में सोने को मजबूर किया जाता था.

महिला ने पति से इन सब बातों की शिकायत की पर वह उसे मजे में लेता और पैरंट्स की सारी बात मानने की सलाह देताथा. एक बार दुबई से लौटते वक्त पति ने 15 किलो ड्राई फ्रूट्स भिजवाया तो ससुराल पहुंचने पर सास ने पैकेट लेने से पहले बाकायदा उसका वजन कराया. इतना ही नहीं, उसे अपने माता-पिता के घर जाने की इजाजत भी नहीं मिली.

सास-ससुर पक्ष के वकील ने कहा कि महिला को पति के गोद लिए हुए बच्चा होने की जानकारी पहले से थी और शादी के बाद वह केवल 10 दिनों के लिए ही सास-ससुर के साथ रही थी. उन्होंने यह भी कहा कि शादी का खर्च भी दोनों परिवारों ने बराबर उठाया है.

इस मामले पर अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि  मजाक में बातचीत करना और सास-ससुर के ताने शादीशुदा जिंदगी का हिस्सा हैं और ये तो हर परिवार में होता है.