मुंबई: कोरोना के खिलाफ भारत में अब जंग तेज होने जा रही है. क्योंकि सीरम इंस्टीट्यूट (पुणे) द्वारा निर्मित वैक्सीन की पहली खेप सरकार को भेज दी गई है. सीरम ने एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण किया है. सोमवार के दिन भारत सरकार की तरफ से सीरम को 1.1 करोड़ वैक्सीन की खुराक खरीदने की अधिकारिक पुष्टि की गई थी. बता दें वैक्सीन के प्रत्येक खुराक की कीमत 210 रुपये है. बता दें कि आज सुबह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे से कोविशील्ड की पहली खेप को रवाना कर दिया गया था जोकि अब दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच चुकी है और कोल्ड स्टोरेज के लिए वैक्सीन की खेप को रवाना किया जा चुका है. Also Read - कोविड वैक्सीनेशन से पहले बोले स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन- कल एक अहम दिन...कोरोना के खिलाफ लड़ाई का यह अंतिम चरण

बता दें कि ये वैक्सीन तीन ट्रकों में भरकर जा रहे हैं. इस दौरान पुलिस की भारी सुरक्षा भी इन ट्रकों के साथ दिखाई दी. बता दें कि कि पुलिस की सुरक्षा में वैक्सीन की खेप पुणे एयरपोर्ट के लिए रवाना की गई थी, जिसके बाद पूजापाठ कर दिल्ली पहुंचा दी गई है. बता दें कि एयरपोर्ट पहुंचाए जाने के बाद अब देश के कोने कोने में वैक्सीन की खेप पहुंचाई जाएगी. Also Read - कोरोना वैक्सीनेशन के लिए अब चुनाव आयोग के डेटा का होगा प्रयोग, कल से शुरू होगा देशभर में टीकाकरण

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा इसकी कुछ तस्वीरों को भी साझा किया गया है. इन तस्वीरों में ट्रकों में वैक्सीन को भेजा जा रहा है. साथ ही इस दौरान पुलिसकर्मी इसकी सुरक्षा में लगे हुए हैं. इस दौरान वैक्सीन से लदे ट्रक के ड्राइवर विक्ट्री साइन बनाकर दिखा रहे हैं.

बता दें कि भारत में अबतक केवल 2 वैक्सीनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. इनमें से पहला है सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड और दूसरी भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन शामिल है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक टीकाकरण को पूरा करने के लिए एक ही व्यक्ति को 28 दिनों के भीतर दूसरी खुराक भी लेनी होगी.