'समय सीमा के भीतर फैसला लें', शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता को लेकर पर SC ने महाराष्ट्र के स्पीकर को लगाई फटकार

Maharashtra News Today: मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने शिवसेना विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर निर्णय लेने में देरी पर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा का सम्मान करना चाहिए.

Written by: Parinay Kumar
Updated: September 18, 2023, 5:40 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर (Rahul Narwekar) को फटकार लगाते हुए कहा कि वह अगले हफ्ते तक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के सहयोगी विधायकों की अयोग्यता से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करें. साथ ही इस दौरान वह मामले के निपटारे की समय सीमा भी तय करें. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने शिवसेना (Shiv Sena) विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर निर्णय लेने में देरी पर कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) महाराष्ट्र राजनीतिक विवाद पर फैसला सुनाते समय अपने द्वारा जारी निर्देशों का सम्मान किए जाने की उम्मीद भी करता है.

‘आप अनंतकाल तक बैठे नहीं रह सकते’

सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर से कहा कि आपको निर्णय लेना होगा और इसके लिए आप अनंतकाल तक बैठे नहीं रह सकते. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत स्पीकर अनंतकाल तक किसी फैसले को अटका नहीं सकते. CM शिंदे समेत 56 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता का मामला लंबे समय से लंबित है, जिस पर स्पीकर ने कोई फैसला नहीं लिया है.

11 मई के बाद क्या कार्रवाई हुई?

अदालत ने नार्वेकर को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें पहले ही लगभग पांच महीने का समय दिया जा चुका है. अदालत ने यह जानने की कोशिश भी कि कोर्ट के 11 मई के फैसले के बाद क्या कार्रवाई की गई, जिसमें उन्हें याचिकाओं पर फैसला सुनाने के लिए कहा गया था. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने नार्वेकर की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा – ‘मिस्टर SG, उन्हें निर्णय लेना है. वह ऐसा नहीं कर सकते (निर्णय में देरी करते रहें). स्पीकर ने 11 मई के बाद क्या किया?

34 याचिकाएं लंबित

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियां उस सयम आई हैं जब उसने उद्धव ठाकरे गुट की एक याचिका पर सुनवाई की, जिसमें नार्वेकर को याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था. मुख्यमंत्री शिंदे समेत 56 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग को लेकर दोनों पक्षों की ओर से दायर कुल 34 याचिकाएं लंबित हैं.

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