मुंबई: मुंबई में सेक्स वर्कर्स (Sex Workers) को कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) लगाए जाने का अभियान चल रहा है. अब तक 200 से अधिक सेक्स वर्कर्स को टीका लगाया गया. आज इन सेक्स वर्कर्स को टीके की पहली खुराक लगाई गई. वाडिया अस्पताल ने आर्य, गौरव और आस्था परिवार के साथ मिलकर शहर के विभिन्न हिस्सों से 200 से अधिक महिला सीएसडब्ल्यू को कवर करते हुए एक अनूठा अभियान चलाया.Also Read - उत्तराखंड में बढ़ी कोरोना की रफ्तार, राजधानी देहरादून में मिले सबसे अधिक संक्रमित

इस अभियान को मेयर किशोरी पेडनेकर, सेवरी से विधायक अजय चौधरी, वाडिया अस्पताल के सीईओ मिनी बोधनवाला, अधिकार कार्यकर्ता जैनब पटेल और मुंबई जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी की अतिरिक्त परियोजना निदेशक श्रीकला आचार्य ने संचालित किया. Also Read - Maharashtra Political Crisis: शिवसेना हर तरह की अग्निपरीक्षा के लिए तैयार, शाम में सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं उद्धव?

मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा, “समाज के कमजोर और हाशिए के समुदायों के लिए कई टीकाकरण अभियान चलाए गए हैं, लेकिन सीएसडब्ल्यू पीछे रह गए हैं. चूंकि सेक्स वर्क (Sex Work) को अभी भी एक ‘वर्जित’ माना जाता है, इसलिए उनके लिए रोजाना आने वाली समस्याओं से निपटना और भी मुश्किल है.” Also Read - Corona Virus in Delhi: दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले, तीन संक्रमितों की मौत भी हुई

बोधनवाला ने कहा कि कोरोनो वायरस (Corona Virus) लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता और कोई भी संक्रमित हो सकता है. इस पहल का उद्देश्य सबसे कमजोर वर्गों को इसके हानिकारक प्रभावों से बचाना है. बोधनवाला ने कहा, “हम हमेशा आबादी के इस वर्ग की मदद करना चाहते थे और हमने उन्हें सलाह दी, क्योंकि टीकाकरण के बारे में बहुत गलत जानकारी थी. लेकिन टीकाकरण के बाद भी, उन्हें कोविड के उपयुक्त प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए.”

एनजीओ ‘विथआर्या’ की संस्थापक शीतल भाटकर ने सेक्स वर्क से जुड़ी वर्जनाओं को मिटाने और सीएसडब्ल्यू की समस्याओं को हल करने की पहल की, खासकर जब से महामारी ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया और कई लोगों की आजीविका चली गई. टीकाकरण अभियान के साथ, सीएसडब्ल्यू को राशन किट, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छता किट के अलावा ‘आरसा’ की एक साड़ी दी गई, जो कारीगरों के लिए एक पहल है.