मुंबई: राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने भंडाफोड़ होने के डर से कोरेगांव भीमा हिंसा मामले की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा है. पवार ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ बोलना नक्सलवाद नहीं है. Also Read - दिल्ली नगर निगम चुनावों पर शरद पवार की पार्टी NCP की नजर, कर रही बड़ी तैयारी

उन्होंने ने कहा, ‘ मेरे ख्याल से सरकार को डर है कि उसका भांडा फूट जाएगा. इसलिए (मामले को एनआईए को सौंपने का) फैसला किया गया है.’ पवार ने एल्गार परिषद मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुणे पुलिस की कार्रवाई की जांच कराने के लिए पिछले महीने सेवानिवृत न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की थी. Also Read - Kisan Andolan: राज ठाकरे के बाद शरद पवार ने सचिन तेंदुलकर को दी सलाह, कहा- दूसरे फील्ड के मामलों में बोलने से बचें

पुणे पुलिस के मुताबिक, 31 दिसंबर 2017 में पुणे में एल्गार परिषद का सम्मेलन हुआ था. इसको माओवादियों का समर्थन प्राप्त था और कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिए गए थे जिस वजह से अगले दिन जिले के कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक पर हिंसा हुई. केंद्र ने शुक्रवार को इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी. इससे एक दिन पहले उप मुख्यमंत्री अजित पवार और राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुंबई में बैठक की थी और कोरेगांव भीमा हिंसा मामले की समीक्षा की थी. Also Read - Israeli Embassy Blast: एनआईए करेगी इजरायल दूतावास के पास हुए विस्फोट की जांच, जानिए अब तक क्या हुआ

(इनपुट भाषा)