राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना वायरस महामारी का उन्मूलन करने में मदद मिलेगी. एक दिन पहले ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए अगले महीने की दो तारीखों का सुझाव दिया था, जिसके बाद उनकी यह टिप्पणी आई है. Also Read - Central Government Employees Bonus News: अच्छी खबर! दिवाली से पहले 30 लाख से अधिक सरकारी कर्मियों को मोदी सरकार का तोहफा, विजयादशमी पर मिलेगा बोनस

ट्रस्ट ने तीन या पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिलान्यास करने के लिए आमंत्रित किया है. Also Read - Viral Video: महिला ने नहीं पहना मास्क, थूकने की कोशिश की, प्लेन से जबरन उतारा गया...

पवार ने सोलापुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोविड-19 का उन्मूलन महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर का निर्माण करने से इस पर काबू पाने में मदद मिलेगी.’’ दरअसल, उनसे राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने की प्रस्तावित तिथि के बारे में सवाल किया गया, जिसके जवाब में उन्होंने यह कहा. Also Read - Covid 19 in India Update: कोरोना से 24 घंटे में 717 लोगों की मौत, 54 हजार नए मामले आए सामने

इस बीच, दक्षिण मुंबई से शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि भगवान राम उनकी पार्टी के लिए आस्था का विषय हैं और इस मुद्दे पर उनकी पार्टी कोई राजनीति नहीं करेगी.

उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना की एक अहम भूमिका रही है. पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने से पहले और कार्यभार संभालने के बाद भी अयोध्या का दौरा किया था.

शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार है. सावंत ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य सुनिश्चित करना और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना शिवसेना नीत राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं, जो रामराज्य की अवधारणा है.