मुंबई: दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के मद्देनजर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जो कुछ हुआ, उसका समर्थन नहीं किया जा सकता लेकिन उन कारणों को भी नरअंदाज नहीं किया जा सकता जिनकी वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

उन्होंने किसानों पर बल प्रयोग को लेकर सरकार को आगाह भी किया. पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से कहा कि वह नए कृषि कानूनों को रद्द करने के मुद्दे पर किसानों से वार्ता करे और मुद्दे पर अपना ‘‘अड़ियल रवैया’’ छोड़े. Also Read - Traffic advisory Republic Day Parade 2022: गणतंत्र दिवस परेड रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, दिल्ली के इन रास्तों पर आवाजाही रहेगी बंद

पवार ने यहां पत्रकारों से कहा कि यदि केंद्र ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया तो पंजाब में अशांति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए मोदी सरकार को यह ‘पाप’ नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली तो केंद्र और कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों से उम्मीद थी कि वे उनसे संवेदनशील तरीके से निपटें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. Also Read - UP Election 2022: समाजवादी पार्टी के साथ NCP का गठबंधन, शरद पवार बोले- लोग BJP...

पवार ने कहा कि दो महीने से प्रदर्शन कर किसानों को आहत किए बिना किसानों की मांगों पर कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए था. राकांपा नेता ने कहा कि उन्हें जो सूचना मिली है, उसके अनुसार ट्रैक्टर परेड के लिए किसानों पर कड़ी शर्तें लगाई गई थीं.

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से उनके 50-60 दिन के आंदोलन और उनके धैर्य को ध्यान में रखकर निपटा जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एक अलग नजरिया अपनाया जिससे स्थिति खराब हुई है. पवार ने कहा कि आज हुई घटनाओं का कोई बचाव नहीं कर सकता, लेकिन यह क्यों हो रहा है, कोई इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता.