चंद्रपुर (महाराष्ट्र): समाज सेवा क्षेत्र की दिग्गज शख्सियत बाबा आमटे (Baba Amte) की पोती प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. शीतल आमटे-कर्जकी (Dr. Sheetal Amte) ने सोमवार सुबह आनंदवन आश्रम (Anandvan Ashram) में आत्महत्या कर ली. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है. शीतल आमटे ने खुद को ज़हर का इंजेक्शन लगा लिया.Also Read - फार्मेसी कॉलेज की 21 साल की छात्रा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर की सुसाइड

डॉक्टर शीतल आमटे आनंदवन के महारोगी सेवा समिति (Maharogi Seva Samiti) की सीईओ भी थीं. बताया जा रहा है कि शीतल ने घरेलू वजहों से सुसाइड की है. वरोरा के उपजिला अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने पर डाक्टरों ने शीतला आमटे को मृत घोषित कर दिया. शीतल आमटे को 2016 में विश्व आर्थिक मंच द्वारा ‘यंग ग्लोबल लीडर 2016’ के रूप में भी चुना गया था. Also Read - बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से एक और बुरी खबर, एक्ट्रेस बिदिशा डी के बाद फंदे से लटकी मिली एक और मॉडल

वारोरा पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी पी. पेंडारकर ने कहा कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार कथित तौर पर उन्होंने खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाकर सोमवार सुबह अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. उन्हें तुरंत नजदीकी वारोरा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया था. Also Read - महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, परिजनों ने सूचना देने वाले पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाया

मैग्ससे पुरस्कार से सम्मानित मुरलीधर डी. आमटे उर्फ बाबा आमटे की पोती डॉ. शीतल महारोगी सेवा समिति की सीईओ थीं, जिसने कुष्ठ रोगियों के बीच सराहनीय काम किया है. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में बाबा आम्टे अपने कामों के लिए मशहूर हैं.