शिरडी: महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के एक बयान से शिरडी के साईं बाबा के भक्तों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है. दरअसल, हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने औरंगाबाद (Aurangabad) में एक सभा को संबोधित करते हुए अपने एक बयान में पाथरी गांव को साईं बाबा की जन्मस्थली बताया था, जिसके बाद से ही शिरडी (Shirdi) निवासियों में आक्रोश है और उनके बयान का जमकर विरोध हो रहा है. जानता ने आज यानि रविवार को पूरे शिरडी में बंद का ऐलान किया है.

लोगों का कहना है कि साईं बाबा ने अपने जीवन में कभी भी अपने जन्म स्थान के बारे में जिक्र नहीं किया फिर सीएम ने यह कैसे कहा. वहीं साईं बाबा मंदिर प्रशासन ने भी उद्धव ठाकरे के बयान पर नाराजगी जताई है और मंदिर को अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान कर दिया है. वहीं  जनता का कहना है कि जब तक सीएम उद्धव ठाकरे अपने बयान को वापस नहीं लेते वह बंद खत्म नहीं करेंगे.

उद्धव ठाकरे के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के बी वाकचोरे ने कहा कि, “हमने आज बंद रखने की  घोषणा की है. हालांकि, इन सब से शिरडी आने वाले भक्तों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.”

आपको बता दें कि इस दौरान मंदिर तो खुला रहेगा, लेकिन यहां ना तो रहने ना खाने-पीने और ना ही पूजा-पाठ से जुड़ी सुविधा भक्तों को मिलेगी. दरअसल, अपने बयान में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि, ‘परभणी (Parbhani) जिले के पास स्थित पाथरी गांव में जहां साईं बाबा का जन्म हुआ था, वहां सरकार 100 करोड़ के विकास काम करेगी और जल्द ही इस प्रोजेक्ट को अमल में लाया जाएगा.’ ऐसे में मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद जहां एक तरफ पाथरी गांव के लोग खुशियां मना रहे हैं तो वहीं शिरडी में उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

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वहीं अंदेशा है कि शिरडी में बंद के चलते यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि हर रोज यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु साईं बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. जैसा कि जाहिर है कि साईं बाबा में ना सिर्फ मुसलमानों बल्कि हिंदुओं की भी भारी आस्था है, ऐसे में दोनों ही धर्मों से भक्त साईं बाबा के दर्शन के लिए शिरडी पहुंचते हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं को इस बंद से परेशानी हो सकती है.