मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोम्बिवली महानगरपालिका की सत्ता पर काबिज शिवसेना ने ठाणे जिला परिषद में भी सत्ता हासिल की है. पिछले महीने हुए चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनी शिवसेना को जिला परिषद अध्यक्ष बनाने के लिए केवल एक सदस्य की जरुरत थी. उन्होंने शरद पवार की एनसीपी से गठबंधन किया और अध्यक्ष पद हासिल किया. शिव सेना की मंजुशा जाधव को अध्यक्ष पद मिला तो वहीं एनसीपी के सुभाष पवार को डिप्टी प्रेसिडेंट का पद मिला. Also Read - 19 साल के लड़के ने तलवार से काटा केक, वीडियो हुआ वायरल तो क्राइम ब्रांच पहुंची घर...

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पिछले महीने हुए जिला परिषद के इन चुनावों में शिव सेना ने जहां 26 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के हाथ केवल 14 सीटें लगीं. एनसीपी ने 10 और कांग्रेस ने मात्र एक सीट पर जीत दर्ज की थी. ऐसा पहली बार होगा कि शिव सेना ठाणे जिला परिषद की सत्ता संभालेगी. बीजेपी को रोकने के लिए शिवसेना ने एनसीपी से गठबंधन किया. शिवसेना की ओर से कहा गया कि एनसीपी के साथ गठबंधन केवल स्थानीय फैसला है. एनसीपी की ओर से भी यही कहा गया. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

एक ओर जहां शिव सेना ने एनसीपी से गठबंधन किया तो वहीं दूसरी ओर गोंडिया जिला परिषद के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने गठबंधन किया. दोनों ही पार्टी एक दुसरे की कट्टर सियासी विरोधक हैं. अध्यक्ष पद की सीट कांग्रेस के खाते में गई जबकि बीजेपी उम्मीदवार को डिप्टी प्रेसिडेंट का पद मिला. गोंडिया जिला परिषद में एनसीपी ने 20 सीटें जीतीं जबकि कांग्रेस 17 और बीजेपी को 16 सीट मिलीं. गोंडिया एनसीपी के कद्दावर नेता प्रफुल पटेल का क्षेत्र है. वह 2009 आम चुनाव में वहां से सांसद चुने गए थे हालांकि 2014 में नाना पटोले ने बीजेपी के टिकट पर उन्हें हराया था. नाना पटोले ने पिछले साल बीजेपी से नाराजगी के चलते सांसद पद से इस्तीफा दिया था.