मुंबई: शिवसेना नीत महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में तनाव के संकेत दिख रहे हैं जहां गठबंधन की तीन सहयोगियों में से एक कांग्रेस, प्रमुख निर्णय लेने की प्रक्रिया और महत्त्वपूर्ण बैठकों में खुद को शामिल कराने का प्रयास कर रही है. पार्टी के एक सूत्र ने शनिवार को बताया कि प्रदेश कांग्रेस के नेता इसपर और कुछ अन्य विषयों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अगले हफ्ते मुलाकात कर सकते हैं. कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक मुख्यमंत्री राकांपा के अध्यक्ष, शरद पवार से कोविड-19 वैश्विक महामारी और चक्रवात ‘निसर्ग’ से प्रभावित लोगों को राहत देने समेत अन्य कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. Also Read - कांग्रेस का सवाल- भारतीय सेना LAC पर हमारी ही सरजमी से क्यों हट रही है पीछे, क्या पीएम मोदी के शब्दों के मायने नहीं?

उन्होंने बताया कि इससे ऐसी भावना पैदा हो रही है कि प्रदेश कांग्रेस को अलग-थलग कर दिया गया है. कांग्रेस के एक मंत्री ने कहा, “कुछ मुद्दों को लेकर पार्टी के अंदर नाराजगी है, जिसपर हम मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करना चाहते हैं और उन्हें सुलझाना चाहते हैं.” पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा कि जब पिछले साल नवंबर में तीन दलों की सरकार बनी थी और मंत्रिपरिषद ने शपथ ली थी, उस वक्त यह फैसला हुआ था कि सत्ता एवं जिम्मेदारियों में बराबर साझेदारी होगी. Also Read - 'मैं महाराजा, टाइगर और मामा नहीं और न चाय बेचता हूं, मैं कमलनाथ हूं'

पार्टी के सूत्र ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण राज्यपाल कोटा से विधान परिषद नामांकनों, राज्य सरकार द्वारा संचालित निगमों एवं बोर्ड में नियुक्ति और कांग्रेस मंत्रियों को आ रही समस्याओं से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करने के लिए ठाकरे से सोमवार को मुलाकात करेंगे. Also Read - कौन हैं पंखुड़ी पाठक, जिन्हें प्रियंका गांधी ने कांग्रेस में दी बड़ी जिम्मेदारी, कभी अखिलेश-डिंपल से रहीं नजदीकियां

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने इस हफ्ते की शुरुआत में मुलाकात कर यह चर्चा की थी कि पार्टी नेताओं एवं मंत्रियों को गठबंधन सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी मिलिंद नारवेकर भी कांग्रेस नेतृत्व के विचारों को जानने के लिए इस बैठक में मुख्यमंत्री के दूत के रूप में उपस्थित थे.