भारतीय जनता पार्टी ने भले ही मुंबई के मेयर पद की रेस से खुद को अलग कर लिया है मगर उन्होंने शिवसेना पर अंकुश लगाने के लिए विशेष तौर पर बीएमसी में लोकायुक्त से उपायुक्त नियुक्त करने की घोषणा की है। बीजेपी के अनुसार उपायुक्त की नियुक्ति से निगम प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसी को लेकर आज शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के ज़रिये बीजेपी पर हमला किया है। सामना में लिखा है, ‘मुख्यमंत्री ने अपने आवास वर्षा पर भी एक स्वतंत्र उपलोकायुक्त नियुक्त करने की ज़रूरत है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कैबिनेट की मीटिंग में भी लोकायुक्त की एक स्थायी कुर्सी होनी चाहिए। यह भी पढ़े: बीएमसी देकर भारतीय जनता पार्टी ने चुकाई सरकार बचाने की कीमत

क्या लिखा है सामना में
मुंबई में एक शिवसैनिक ही अगला महापौर बनाने जा रहा है। पुरे देश का ध्यान मुंबई के अगले मेयर पर था, ऐसे में सत्ता और पैसे के बावजूद शिवसेना से जितना असंभव हो गया था। मुश्किल के समय में शिवसेना और मज़बूत होकर उभरती है, इतिहास गवाह है की शिवसेना ने हमेशा ही कठिन समय पर मात की और विरोधियों को पस्त किया है। लगातार 5 चुनावों से मुम्बई की जनता ने शिवसेना पर विशवास दिखाया है। कुछ लोगों ने मुंबई में शिवसेना का मेयर नहीं बने इसके लिए बहुत कोशिश की थी और मराठी अस्मिता को महाराष्ट्र की राजधानी में ही दफ़न करने का निज़ामी बीड़ा भी उठाया था।

आखिरकार निज़ामों को भारत छोड़कर भागना ही पड़ा था। बीजेपी ने ऐन वक्त पर मेयर और उप-मेयर की रेस से खुद को अलग कर दिया और इसकी घोषणा खुद मुंख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। मगर मुंबई के मेयर केचुनाव में वे अपना उम्मीदवार उतारते तो भी जीत शिवसेना की ही होती। यह बात बीजेपी को भी पता थी और अगर वह इन चुनावों में अपना प्रत्याशी उतारते तो निश्चित ही हार जाते। शिवसेना को तो मुंबई केका मेयर, चुनाव लड़कर ही हासिल करना था। शिवसेना को हारने के सभी मंसूबों पर पानी फिरने की वजह से क्या बीजेपी ने मेयर के रेस से खुद को अलग किया क्य? रही बात उपलोकायुक्त नियुक्त करने की तो हम उनसे नहीं डरते मगर यह आपका आपके आयुक्त पर अविश्वास दर्शाता है।

आप जो भ्रष्टाचार के इलज़ाम लगाते हो वह क्या केवल मुंबई महानगरपालिका में ही है? सबसे ज़्यादा घोटाले नागपुर महानगरपालिका में हुए है। फिर वहाँ आपके उपलोकायुक्त क्यों नहीं है। पुणे, पिम्परी-चिंचवड़ और अन्य महानगरपालिका में पारदर्शिता लेन के लिए आपने उपलोकायुक्त की नियुक्ति क्यों नहीं की।