मुंबई: शिवसेना ने एक समय अपनी सहयोगी रही बीजेपी की तुलना 13वीं सदी के हमलावर मोहम्मद गौरी से की, जिसने पृथ्वीराज चौहान की हत्या कर दी थी, जबकि चौहान ने कई बार उसकी जान बख्श दी थी. अपने मुखपत्र ‘सामना’ में तल्ख तेवरों में लिखे संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि वह भाजपा को उखाड़ फेंकेंगी, जिसने उसे चुनौती देने का साहस किया है. उसने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़  दल के ‘नेता बच्चे थे’ जब शिवसेना के सहयोग से एनडीए बना था.

शिवसेना ने संपादकीय में लिखा, ”मोहम्मद गौरी ने भारत में इस्लामी शासन की नींव रखी ओर हिंदू शासक पृथ्वीराज चौहान से कई युद्ध लड़े. हार के बाद हमेशा चौहान ने उसे बख्श दिया, लेकिन जब गोरी ने युद्ध जीता तो उसे पृथ्वीराज चौहान को मार डाला.”

इसमें बीजेपी का नाम लिए बिना कहा गया, ”महाराष्ट्र में भी शिवसेना ऐसे कृतघ्न लोगों को कई बार माफ कर चुकी है, लेकिन अब वे हमारी पीठ में छुरा घोंपना चाहते हैं.” संपादकीय में इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई गई कि शिवसेना को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर सीटें दी गई है.

केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने रविवार को कहा था कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि शिवसेना के अरविंद सावंत ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के संपर्क में है.

संपादकीय में कहा गया, ”यह अहंकार की राजनीति के पतन की शुरूआत है. हम वादा करते हैं कि एक दिन हम आपको जड़ से उखाड़ देंगे, क्योंकि आपने हमें चुनौती दी है. आज पार्टी (भाजपा) के शीर्षनेता उस समय बच्चे थे, जब शिवसेना के समर्थन से बीजेपी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठजोड़ बनाया था.”

इसमें यह भी कहा गया कि क्या भाजपा ने जम्मू कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की पीडीपी या बिहार में नीतीश कुमार के जद (यू) के साथ गठबंधन करने से पहले राजग से पूछा था या जबकि सभी को पता है कि नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की थी.

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव साथ में लड़ने वाले दोनों दलों ने 288 सदस्यीय सदन में मिलकर 161 सीटें जीती. इसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पैदा हुए मतभेदों के बाद से दोनों एक दूसरे पर लगातार हमले बोल रहे हैं. शिवसेना राज्य में गैर भाजपा सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के संपर्क में है.