मुंबई: शिवसेना ने आश्चर्य जताया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रभावित करने के लिए गुजरात में गरीबी को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी द्वारा संचालित समाचार पत्र ‘सामना’ के संपादकीय में शिवसेना ने कहा, “मोदी लगभग 15 वर्षो तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं और फिर पांच साल से अधिक समय तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं. लेकिन अहमदाबाद में मलिन बस्तियों की गरीबी और दुर्दशा को छिपाने के लिए जहां से ट्रंप गुजरेंगे उस मार्ग पर एक विशाल दीवार का निर्माण किया जा रहा है.”Also Read - Man Ki Baat: मन की बात में बोले पीएम मोदी-पर्व और त्योहार मनाते समय याद रखें, कोरोना अभी गया नहीं है

इसमें कहा गया है कि अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरने के बाद ट्रंप उस शहर में मुश्किल से तीन घंटे बिताएंगे. पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की गुजरात यात्रा होगी और राज्य सरकार इसे यादगार बनाने के लिए बहुत प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी की जा रही है. सामना में कहा गया है, “अहमदाबाद की 17 से अधिक सड़कों को चमकाया जा रहा है. हवाई अड्डे के बाहर की सड़क को फिर से बनाया जा रहा है, अमेरिकी ‘बादशाह’ के लिए कुछ नई सड़कों की मरम्मत की जा रही है. लेकिन सबसे मजेदार यह है कि शहर में अमेरिकी राष्ट्रपति के मार्ग पर पड़ने वाली झुग्गियों को छिपाने के लिए एक दीवार खड़ी की जा रही है.” Also Read - Tokyo Olympics 2020: टोक्यों ओलंपिक का हुआ आगाज, पीएम मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी शुभकामनाएं

शिवसेना ने व्यंग्य के लहजे में कहा, “अतीत में (कांग्रेस द्वारा) गरीबी हटाओ का नारा बड़ा हास्यास्पद था और अब यह ‘गरीबी छुपाओ’ नीति में तब्दील हो गया है. इससे केंद्र क्या संदेश दे रहा है? क्या इसके लिए सरकार के पास कोई बजटीय प्रावधान हैं? या ट्रंप अब पूरे भारत में ऐसी दीवारें बनाने के लिए सहायता की पेशकश करेंगे?” शिवसेना ने इसे ‘गुलाम मानसिकता’ करार देते हुए भाजपा की कड़ी आलोचना की. Also Read - Pegasus लीक पर गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान- कांग्रेस और वैश्विक संगठनों को लेकर कही यह बात...