नई दिल्ली: शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे का नाम मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में शामिल नहीं होने के बाद अब पार्टी ने सुभाष देसाई और एकनाथ शिंदे के नामों का प्रस्ताव रखा है. लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने उन्हें खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शीर्ष पद पर काबिज हों.

पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि उन्हें एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो महाराष्ट्र के अलावा भी राजनीति में लाभकारी सिद्ध हो और उद्धव ठाकरे मराठी सम्मान के लिए दिल्ली की केंद्र सरकार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं. सत्ता के फार्मूले के अनुसार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के पद के अलावा शिवसेना के 15, राकांपा के 15 और कांग्रेस के 12 मंत्री होंगे. विधानसभा अध्यक्ष का पद राकांपा देना नहीं चाहती लेकिन कांग्रेस को यह पद अपने पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के लिए चाहिए. इसके लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने तर्क दिया कि उन्हें ऐसा विधानसभा अध्यक्ष नहीं चाहिए जिसे बार-बार पार्टी आलाकमान से इजाजत लेनी पड़े.

 

शुक्रवार को तय होगी सरकार की पूरी रूपरेखा
महाराष्ट्र में सरकार गठन की कवायद में जुटी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने मैराथन बैठकों के बाद बृहस्पतिवार को सभी मुद्दों पर सहमति बना ली है और अब नयी सरकार के गठन एवं इसकी रूपरेखा के बारे में शुक्रवार को घोषणा की जा सकती है. सूत्रों का कहना है कि सरकार गठन को लेकर बनने वाली रूपरेखा और साझा न्यूनतम कार्यक्रम से जुड़े बिंदुओं को अंतिम रूप देने के मकसद से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल शुक्रवार दोपहर मुंबई पहुंचेंगे. कांग्रेस और राकांपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस और राकांपा के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत हो गई है और सहमति भी बन गई है.

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मुंबई में शुक्रवार को होगी बैठक
चव्हाण के मुताबिक अब दोनों पार्टियां शुक्रवार को मुंबई में समाजवादी पार्टी एवं स्वाभिमानी शेतकारी संगठन जैसे अपने छोटे सहयोगी दलों और शिवसेना के साथ बातचीत करेंगी. उन्होंने कहा कि कल मुंबई में ही इस बारे में विचार होगा कि नयी सरकार का क्या स्वरूप होगा. सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को ही मुंबई में सरकार गठन तथा इसकी पूरी रूपरेखा के बारे में घोषणा की जा सकती है. इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे. राकांपा की तरफ से प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले, अजीत पवार, जयंत पाटिल और नवाब मलिक शामिल हुए.

साझा न्यूनतम कार्यक्रम लगभग तैयार
इससे पहले कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार गठन के लिए आगे बढ़ने को लेकर बृहस्पतिवार को स्वीकृति प्रदान कर दी. कांग्रेस और राकांपा के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को भी मैराथन बैठक की थी और इसके बाद ऐलान किया था कि वे जल्द ही राज्य में शिवसेना के साथ मिलकर नयी सरकार का गठन करेंगे. इस बीच, शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि इस महीने के आखिर तक महाराष्ट्र को नयी सरकार मिलने की पूरी संभावना है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस-राकांपा के नेता शिवसेना नेताओं के साथ संपर्क में बने हुए थे और साझा न्यूनतम कार्यक्रम लगभग तैयार है.

24 अक्टूबर को आए थे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे
एक सूत्र ने बताया कि साझा न्यूनतम कार्यक्रम में किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता मिलने वाली है. गत 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सरकार गठन को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है. चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के दावे के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए. इस चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने क्रमश: 105 और 56 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस और राकांपा ने क्रमश: 44 और 54 सीटें हासिल कीं.