मुंबई. महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन खत्म हो गया है. सूबे की सरकार ने किसानों के कर्जमाफी का वादा कर दिया है. लेकिन अब शिवसेना यह कह रही है की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने यह फैसला शिवसेना के दबाव के बाद लिया है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि सरकार ने किसानों के प्रदर्शन पर तनाशाह जैसा रवैया अपनाया.

शिवसेना ने अपने संपादकीय के माध्यम से कहा है कि सरकार ने खुले मन से किसानों के कर्ज माफी की घोषणा नहीं की है. यह सरकार पर लगातार दबाव बनाने का परिणाम है. शिवसेना ने कहा मंत्रियों की कुर्सी गरम करने के लिए नहीं है बल्कि अकर्मण्य लोगों की कुर्सी हिलाने के लिए हैं. वहीं क्या होगा इसकी गारंटी हम नहीं दे सकते हैं.

किसानों की एकता के कारण राज्य सरकार ने यह कबूल किया है. शिवसेना ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन को उसका समर्थन है और पार्टी का संदेश है कि या तो पूरी तरह कर्जमाफी की घोषणा की जाए या फिर दम घोंटकर मार डाला जाए. पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कर्ज माफी की घोषणा करने के लिए बधाई देनी चाहिए हालांकि यह गारंटी नहीं मांगनी चाहिए कि अब से किसान आत्महत्या नहीं करेंगे.