मुंबई: महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सभी पार्टियां एक दूसरे पर कटाक्ष करती दिख रही है. इसी बीच शिवसेना ने भाजपा के सहयोगी दलों पर निशाना साधा है. शिवसेना ने भाजपा के छोटे सहयोगी दलों पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करने को लेकर निशाना साधा. शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में दावा किया कि इन छोटे सहयोगियों के पास विधायक भी नहीं हैं और वे राज्य को लेकर नहीं, बल्कि नई सरकार में अपनी स्थिति को लेकर चिंतित हैं. यह भी दावा किया गया कि ‘कुछ तत्व’ विधायकों को धन का लालच दे रहे हैं. पार्टी ने दोहराया कि राज्य के लोग चाहते हैं कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से बने.

‘महायुति’ में भाजपा और शिवसेना के अलावा आरपीआई(ए) और राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) भी शामिल हैं. केंद्रीय मंत्री एवं आरपीआई (ए) प्रमुख रामदास अठावले और राज्य सरकार में मंत्री एवं आरएसपी नेता महादेव जानकर ने पिछले सप्ताह कोश्यारी से मुलाकात की थी और उनसे सरकार गठन के लिए सबसे बड़ी एकल पार्टी भाजपा को आमंत्रित करने की अपील की थी.

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शिवसेना ने कहा, ‘इन नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार गठन पर चिंता व्यक्त की. यह चिंता राज्य के बारे में नहीं है, बल्कि वे अगली सरकार में अपनी स्थिति को लेकर चिंतित हैं.’ मुखपत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि भाजपा की हिंदुत्व विचारधारा से कोई जुड़ाव न रखने वाले ‘कुछ तत्व’ नवनिर्वाचित विधायकों को धन का लालच देने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी ने कहा, ‘हम यह दावा नहीं करते कि यह सब भाजपा या मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से हो रहा है.’

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शिवसेना ने निवर्तमान मंत्री एवं भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार पर उनके इस बयान को लेकर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य को जल्द ही ‘खुशखबरी’ मिलेगी तथा भाजपा के द्वार वार्ता के लिए हमेशा खुले हैं. इस पर शिवसेना ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘हमारे भी खिड़की-दरवाजे खुले हैं. अच्छी हवा बह रही है, लेकिन हम यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरत रहे हैं कि ताजी हवा के साथ कीट-पतंगे भीतर न आएं.

(इनपुट-भाषा)