नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल सरकार और सीबीआई के बीच उठे विवाद पर शिवसेना ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह आगामी लोकसभा चुनाव में फायदा पाने के लिए रची गई एक सोची समझी साजिश थी. शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा कि कोलकाता में जो कुछ भी हो रहा है उससे ‘लोकतंत्र को खतरा’ है. चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस प्रमुख से पूछताछ करने की सीबीआई की कोशिश के खिलाफ रविवार से धरने पर बैठी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि ‘संविधान और देश’ की रक्षा के लिए वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगी और इसके लिए वह कोई भी परिणाम भुगतने को तैयार हैं.

शिवसेना ने कहा कि कोलकाता पुलिस प्रमुख के खिलाफ केन्द्र दो महीने पहले भी कार्रवाई कर सकता था और सीबीआई भी उनके घर पर पूछताछ के लिए पहुंचने से पहले उचित ढंग से समन भेज सकती थी. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा, ‘शारदा चिटफंड घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए लेकिन सीबीआई ‘चिट इंडिया’ मामले को कैसे देखती है..जो कि पिछले साढ़े चार साल से चल रहा है.

अपने विचारों पर विस्तृत जानकारी दिए बिना उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी को देश के प्रधानमंत्री के तौर पर कोलकाता में जारी संकट पर ध्यान देना चाहिए ना कि एक भाजपा नेता की तरह. शिवसेना ने साथ ही दावा किया कि भाजपा को इस बार लोकसभा चुनाव में उत्तर भारत से महाराष्ट्र तक (पश्चिम भारत तक) 100 सीटों का नुकसान होगा.

दूसरी ओर श्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीआई-कोलकाता पुलिस आयुक्त मामले में मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अपनी “नैतिक जीत” बताया जिसमें जांच के दौरान कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार की गिरफ्तारी समेत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया है.उच्चतम न्यायालय ने कुमार को खुद को सीबीआई के समक्ष पेश करने और शारदा चिट फंड घोटाले की जांच से सामने आए अन्य मामलों में एजेंसी के साथ ‘इमानदारी पूर्वक सहयोग करने का मंगलवार को निर्देश दिया.