नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के साथ विवादित संबंधों के बीच, शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुंबई विकास योजना (डीपी) 2034 को लागू करने के लिए विशेष पैकेज की मांग की है. हमारे सहयोगी अखबार डीएन की खबर के मुताबिक शिवसेना इसके लिए 14 लाख करोड़ रुपए चाहती है. शिवसेना ने केंद्र से बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण किए बिना मुंबई डेवलपमेंट (डीपी) के समय पर कार्यान्वयन के लिए एक अलग मुंबई विकास प्राधिकरण का गठन करने को कहा है. शिवसेना के सांसद राहुल शेवले ने इस बारे में केंद्र को जानकारी दी है. Also Read - ED जांच का सामना कर रहे शिवसेना विधायक ने उद्धव ठाकरे को लिखा पत्र, 'बहुत देर होने से पहले BJP के साथ मिल जाओ'

शिवसेना आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का एलान कर चुकी है. जबकि बीजेपी को उम्मीद है कि वह गठबंधन करने में कामयाब होगी. डीपी और विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियम (डीसीपीआर) का कार्यान्वयन एक नवंबर को शुरू होगा. ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर शिखर सम्मेलन के दौरान शेवले ने कहा, “केंद्र को डीपी के प्रभावी और समय पर कार्यान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से 14 लाख करोड़ रुपये मंजूर करने और जारी करने की जरूरत है. मुंबई कुल टैक्स राजस्व का 30 प्रतिशत योगदान देती है. यह भारत का मुख्य आर्थिक इंजन है, इसलिए विकास योजना का कार्यान्वयन महत्वपूर्ण है. Also Read - पश्चिम बंगाल में फिर से शुरू हो सकती है वोटों की गिनती, BJP जाएगी कोर्ट! TMC है वजह

अस्पतालों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए शहर में कई जगहों पर भूमि चिन्हित की गई है. शहरी डिजाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक पंकज जोशी का कहना है कि डीपी को 20 साल के व्यय के साथ एक परियोजना की तरह लागू किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि कार्यान्वयन के हर साल निगरानी की जानी चाहिए कि कितने फंड खर्च किए गए और कमी क्या रह गई. यदि धन की कमी है, तो इसे बढ़ाया जाना चाहिए ताकि 2034 तक डीपी को 100 प्रतिशत लागू किया जा सके. Also Read - Mumbai Lockdown-Unlock Update: मुंबई में Unlock के तहत नहीं मिलेगी ढील, कोरोना के सक्रिय मामलों में फिर देखी जा रही बढ़ोत्तरी

हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक रैली में भाजपा पर हमला करते हुए दावा किया था कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को ‘‘किसी भी राजनीतिक गठबंधन की जरूरत नहीं’ है. उन्होंने कहा, ‘ जब अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) की सरकार केंद्र में थी तो उन्हें कई राजनीतिक मित्रों का समर्थन प्राप्त था. (लेकिन) मौजूदा सरकार को किसी भी राजनीतिक गठबंधन की जरूरत नहीं है.’ उद्धव ने लोगों से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए जा रहे दावों का सच तलाशने की अपील की. उन्होंने कहा, “मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा नीत केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित लोगों का पता लगाने के लिए कह रहा हूं. आप अपनी जानकारियों के साथ पीएम मोदी की एक तस्वीर लगाएं और लोगों को तय करने दें.