मुंबई: शिवसेना ने कृषि से संबंधित तीन बिलों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाता तोड़ने के शिरोमणि अकाली दल के निर्णय का स्वागत किया. बीते एक साल में अकाली दल शिवसेना के बाद दूसरी पार्टी है, जिसने भाजपा का साथ छोड़ दिया. दोनों भाजपा की पुरानी सहयोगी थी.Also Read - विपक्षी सदस्यों का आचरण और उनका व्यवहार जनता का अपमान: पीएम मोदी

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, “दोनों पार्टियां (शिवसेना और अकाली दल) भाजपा के अच्छे-बुरे समय में साथ बने रहे, लेकिन अन्य ने अपनी मुश्किल घड़ी में भाजपा का हाथ थामा. शिवसेना को बीते साल एनडीए छोड़ना पड़ा था और अकाली दल ने कृषि बिलों के विरोध में एनडीए का साथ छोड़ा है. हम इस डवलपमेंट से दुखी महसूस करते हैं.” Also Read - जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बाबुल सुप्रियो ने 'बदला इरादा', कहा- राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं रहूंगा लेकिन...

राउत ने कहा, “शिवसेना और अकाली दल एनडीए के स्तंभ थे, जो अब वहां नहीं रहे. इसलिए मौजूदा गठबंधन को एनडीए नहीं कहा जा सकता.” राउत ने कहा, “यह अलग तरह का गठबंधन है. शिवसेना किसानों के हित में एनडीए से नाता तोड़ने के शिरोमणि अकाली दल के निर्णय का स्वागत करता है.” Also Read - शिवसेना ने कहा- महाराष्ट्र में बीजेपी का अंत निकट, जानें इतना क्यों गुस्साई है उद्धव की पार्टी