मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुंगन्तीवार ने बृहस्पतिवार को 2019 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने की संभावना से इंकार किया लेकिन कहा कि अगर राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनती है तो 2024 में ऐसा हो सकता है.

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उन्होंने कहा कि अगर पार्टियों के बीच आम सहमति बनती है तो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव के अलावा नगर निगम, नगर पालिका परिषद और जिला परिषदों (जेपीएस) के चुनाव भी एक साथ कराए जा सकते हैं. लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने तथा केंद्र को रिपोर्ट भेजने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने इस साल के शुरू में दो सदस्यीय एक समिति बनाई जिसके अध्यक्ष मुंगन्तीवार हैं. समिति की पहली बैठक 31 जुलाई को आयोजित की गई थी जबकि दूसरी बैठक पांच दिसंबर को हुई थी.

एक साथ चुनाव होने से समय और धन की बचत
यहां पत्रकारों के साथ बातचीत में मुंगन्तीवार ने कहा, ‘‘2019 में एक साथ चुनाव कराने की केन्द्र की कोई योजना नहीं है. लेकिन अगर राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनती है तो 2024 में ऐसा हो सकता है. इस मुद्दे पर गठित समिति को इस बारे में रिपोर्ट देना है कि क्या 2024 में एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं.’’ राज्य के वित्त मंत्री ने कहा कि समिति तीन महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार करेगी.

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मुंगन्तीवार ने कहा ‘‘हम चुनाव पर बहुत समय, राशि और मानव बल लगाते हैं. यह देखा गया है कि राज्य में कहीं न कहीं, किसी न किसी चुनाव के लिए आचार संहिता लागू रहती है. हम 365 दिनों में से 311 दिन तो चुनाव आचार संहिता के चलते गंवा देते हैं और इन दिनों विकास कार्य ठप रहते हैं.’’ उन्होंने कहा ‘‘एक साथ चुनाव कराने से धन बचेगा और विकास के मुद्दे पर अधिक समय दिया जा सकेगा.’’