मुंबई: खेल मंत्रालय ने कहा कि उसने किसी भी खेल को देश के ‘राष्ट्रीय खेल’ का दर्जा नहीं दिया है. मंत्रालय ने यह बात उत्तरी महाराष्ट्र के धुले जिले के स्कूल के शिक्षक द्वारा जारी आरटीआई याचिका के जवाब में कही. आम धारणा है कि हाकी भारत का राष्ट्रीय खेल है. Also Read - Jofra Archer ने की वकालत, क्या इस बॉलर को मिलेगी टेस्ट टीम में जगह?

यह याचिका उस जवाब को जानने के लिए लगाई गई थी कि हॉकी को कब भारत का राष्ट्रीय खेल घोषित किया गया. Also Read - Astrology Tips: मंदिर के अलावा इन जगहों पर जाने से पहले भी उतार लेने चाहिए जूते-चप्पल, वरना...

मयूरेश अग्रवाल धुले जिले के सिंदखेडा तहसील में स्थित वीके पाटिल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाते हैं. उन्हें मंत्रालय ने यह जवाब दिया है, जो 15 जनवरी 2020 को भेजा गया. Also Read - फिल्मों की खातिर कैमरे के सामने कपड़े उतार चुकी हैं ये बॉलीवुड एक्ट्रेसेस, बोल्ड सीन देकर खूब मचाई सनसनी- List

मयूरेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने ऐसा छात्रों के सवाल से प्रेरित होकर किया, जो उनसे पूछते थे कि हॉकी को देश का राष्ट्रीय खेल कब घोषित किया गया. मंत्रालय ने जवाब में कहा, सरकार ने किसी भी खेल को देश का राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है क्योंकि सरकार का उद्देश्य सभी लोकप्रिय खेल स्पर्धाओं को बढ़ावा देना है.