मुंबई: सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सहयोगी दल शिवसेना ने कथित आदमखोर बाघिन अवनि की हत्या की जांच के लिए गठित समिति को नाटक करार दिया. शिवसेना ने घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अवनि की हत्या का समर्थन करने वाले लोग ही अब जज बनकर उसकी हत्या की जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि इन्हीं लोगों ने अवनि की हत्या के लिए शिकारी नियुक्त किया था.

14 लोगों को अपना शिकार बनाने वाली बाघिन मारी गई, 200 लोगों के साथ चल रहा था ऑपरेशन

बता दें कि गत 2 नवम्बर को आदमखोर बाघिन अवनी (T1) को मारा गया था. दहशत का पर्याय बन चुकी इस बाघिन पर 14 लोगों को अपना शिकार बनाने का आरोप था. यवतमाल जिले में बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने 200 लोगों के साथ ऑपरेशन चलाया था. वहीँ इस आदमखोर शेरनी अवनी को न मारे जाने के लिए पशु प्रेमियों द्वारा ‘लेट अवनी लिव’ (Let Avni Live) नामक अभियान भी चलाया जा रहा था. 5 साल की इस बाघिन को T1 कहा जाता था. यह पहली बार वर्ष 2015 में पंधरवडा में देखने को मिली थी. इसके दो साल बाद मेल बाघ T2 भी वहां पहुंचा था. 1 जून 2016 को गांव के सोनबाई भोसले को बाघिन ने मार दिया था. इसके बाद 16 सितंबर तक 6 लोगों को बाघिन ने मार दिया. फिर ये सिलसिला जारी रहा.

जांच समिति तमाशा है
ठाकरे ने कहा, ‘यह बिल्कुल तमाशा है. जिन लोगों ने बाघिन को मारने की सुपारी दी थी वही अब उसकी मौत की जांच करेंगे. समिति को भंग किया जाना चाहिए और सेवानिृत्त या मौजूद न्यायाधीश से मामले की जांच करवाई जानी चाहिए. ‘ वहीँ चौतरफा विरोध झेल रहे वन मंत्री सुधीर मुंगंतीवार ने मामले को ठंडा करते हुए कहा कि ठाकरे को अगर बाघिन की हत्या में कुछ संदेह है तो वह उनकी ही अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने को तैयार है.

अवनि की हत्या की जिम्मेदारी लें
वहीँ ठाकरे का कहना है कि मौजूदा जांच समिति उनको स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से सर्वोच्च न्यायालय के पांच अवकाश प्राप्त न्यायाधीशें की समिति नियुक्त करने की सिफारिश की है. इससे मामले में निराधार राजनीतिक विवाद का अंत हो जाएगा.”मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने वन मंत्री पर लगे आरोपों से उनका बचाव करते हुए कहा, “वह (मुंगंतीवार) खुद अवनि की हत्या करने के लिए बंदूक उठाकर नहीं गए.” ठाकरे ने इसपर पलटवार करते हुए कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी सीमा पर गोली चलाने नहीं गए थे, लेकिन उन्होंने कार्रवाई का पूरा श्रेय लिया. उसी प्रकार मुंगंतीवार को भी अवनि की हत्या की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.”(इनपुट एजेंसी)