मुंबई: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे द्वारा राम मंदिर निर्माण का राग अलापे जाने के बाद इस पार्टी का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ टकराव बढ़ गया है. ठाकरे के बयान के बाद राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के एक करीबी रिश्तेदार ने उन पर हमला बोला.

शरद पवार के भतीजे राजेंद्र के बेटे रोहित पवार ने मंदिर मुद्दे पर महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की आलोचना करने पर ठाकरे पर पलटवार किया. राकांपा अध्यक्ष के भतीजे अजीत पवार ने पिछले सप्ताह जालना में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे के नाम पर तो स्मारक बना नहीं सके, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को भुना रहे हैं.

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इसके जवाब में शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में अजीत पवार को पुणे की राजनीति में ‘नाली का कीड़ा’ कहा जो अपने चाचा शरद पवार पर आश्रित है और महाराष्ट्र की सियासत में जिनका कोई महत्व नहीं है. जवाबी हमले में रोहित ने रविवार को फेसबुक पर पोस्ट डाली और लिखा, ‘‘बालासाहब ने अपने आखिरी समय में जनता से अपील की थी कि उद्धव का ख्याल रखें. कल हमें पता चला कि अपील करते समय उनका क्या आशय था. उनके कहने का मतलब था कि उनका बेटा भोला-भाला है और उसका ध्यान रखा जाना चाहिए.’’

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रोहित ने कहा कि शिवसेना के दिवंगत नेता बुद्धिमान और बड़े नेता थे. उनका अपनी भाषा पर नियंत्रण था और वह साप्ताहिक पत्रिका मार्मिक तथा सामना के जरिये राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलते थे लेकिन बाल ठाकरे के नाम का इस्तेमाल करके राजनीति करने वालों ने अजीत पवार पर निशाना साधकर बाल ठाकरे की कलम को अपमानित किया है.

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उन्होंने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे ना तो जनता द्वारा चुने गये हैं और ना ही वह मातोश्री से निकलकर महाराष्ट्र को देखने की जहमत उठाते हैं. महाराष्ट्र जब जल रहा है, ऐसे में यह आदमी सत्ता साझा करके लोगों की आंखों में धूल झोंक रहा है.’’