मुंबई: महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने चीन को बड़ा झटका दिया है. उद्धव सरकार ने महाराष्ट्र में चीन की 3 कंपनियों को निवेश करने से रोक दिया है. चीन हाल ही में 5 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए निवेश करने वाला था. ये प्रोजेक्ट चीनी कंपनियों में 15 जून को ही दिया गया था. जबकि 16 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार से बात के बाद ही इन कंपनियों के महाराष्ट्र में निवेश का फैसला होगा. Also Read - अब अमेरिका से भिड़ा चीन, बोला- एक हजार साल से दक्षिण चीन सागर हमारा है

बता दें कि कि 15 जून की रात भारत-चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. पूरे देश में इस मामले को लेकर आक्रोश के बीच पीएम मोदी कह चुके हैं कि भारत किसी को उकसा नहीं रहा है, लेकिन अगर कोई इस तरह की चीज़ें करेगा तो भारत यथोचित जवाब देने में सक्षम है. Also Read - पूर्वी लद्दाख विवाद: भारत-चीन के आर्मी कमांडरों के बीच आज चुशुल में हाईलेविल मीटिंग

इसी बीच पूरे देश में चीन और चीनी सामान का विरोध हो रहा है. देश भर में चीन के पुतले जलाए जा रहे हैं. इससे पहले रेल मंत्रालय भी चीनी कंपनी से करार ख़त्म कर चुका है. रेलवे चीनी कम्पनी से 471 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट वापस ले चुका है, हालाँकि रेलवे ने कहा कि चीनी कंपनी ने चार साल में इस प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ 20 प्रतिशत ही काम किया, इस वजह से करार खत्म किया गया है. Also Read - बाल ठाकरे के स्मारक के स्थान पर अस्पताल बनना चाहिए: AIMIM सांसद