नासिक: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा आयोजित कानून सम्मेलन में कहा कि समाज में बदलाव के मद्देनजर ब्रिटिश काल में बने कानूनों में सुधार और उनके विश्लेषण की जरूरत है. Also Read - कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिये तैरता पृथक वास तैयार कर रहा है मुंबई बंदरगाह न्यास

ठाकरे ने कानून सम्मेलन 2020 के विषय ‘आधुनिक न्यायपालिका की ओर तेजी से बढ़ते कदम’’ पर संबोधन के दौरान कहा कि जनता को त्वरित न्याय दिलाने के लिए लोकतंत्र के सभी चार खंभों को साथ आकर कानून में बदलावों पर चर्चा करनी चाहिए.’’ Also Read - 14 राज्यों में अब तक तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए: Health Ministry

उन्होंने कहा, ‘आजादी के कई वर्षों बाद भी ब्रिटिश काल के कानून लागू हैं. समाज की जरूरतों और बदलती परिस्थितयों के अनुसार पुराने कानूनों में बदलाव की आवश्यकता है. ‘ Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव पाया गया छह दिन का शिशु, राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 335 हुई

इस मौके पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश भूषण गवई, बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मकरंद कार्णिक और न्यायमूर्ति संदीप शिंदे के साथ ही महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री अनिल परब भी मौजूद रहे. इस मौके पर न्यायाधीश भूषण गवई ने नये न्यायालय भवन की आधारशिला भी रखी.

(इनपुट भाषा)