मुंबईः शिवसेना(shiv sena) अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भले ही राजनीति में उन्हें नए सहयोगी मिले हैं लेकिन उन्होंने अपना ‘भगवा’ रंग नहीं बदला है. हिंदुत्व के मुद्दे को शुरुआत से उठाते रहे ठाकरे ने पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा से अलग होकर राकांपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन की सरकार बना ली थी. Also Read - Rajasthan में अब 4 और राज्यों से आने वालों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट जरूरी

शिवसेना ने बृहस्पतिवार को उद्धव ठाकरे को सम्मानित करते हुए कहा कि उन्होंने बाल ठाकरे को दिया गया अपना वह वचन पूरा कर लिया जिसमें उन्होंने राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी. सत्ता के लिए हिंदुत्व को दरकिनार करने की आलोचना का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘‘ पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को सहयोगी बनाकर मैंने नया राजनीतिक रास्ता अपनाया है. मैंने अपना रंग अपना अंतर्रंग नहीं बदला है. यह भगवा ही रहेगा.’’ Also Read - Viral Video: रोज 250 ग्राम पत्थर खाता है ये शख्स, 30 साल से चल रहा सिलसिला, हुष्ट-पुष्ट तंदरुस्त है...

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उद्धव ठाकरे की यह टिप्पणी मनसे प्रमुख राज ठाकरे के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था, ‘‘ मैं सरकार बनाने के लिए अपनी पार्टी का रंग नहीं बदलता हूं.’’ सत्ता के लिए दशकों पुरानी पार्टी का साथ छोड़ने पर शिवसेना प्रमुख पर लगातार यह आरोप लग रहे थे कुर्सी की लालसा में शिवसेना ने अपने परंपरा और हिंदुत्व की भावना को छोड़ दिया है. उस पर यह भी आरोप लग रहे थे दो धुर विरोधी वाली सोच वाली पार्टियों का साथ केवल एक राजनीतिक लालच है.