मुंबई: महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा के साथ गठजोड़ कर मुख्यमंत्री बने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि भगवा उनका ‘पसंदीदा रंग’ है और यह ‘किसी भी लॉन्ड्री में धुलाई से जाएगा नहीं.’ दरअसल, शिवसेना के कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने के बाद भाजपा उस पर निशाना साध रही है और हिंदुत्व को लेकर उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठा रही है.

यहां मंत्रालय में मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद संवाददाताओं से बाचतीत के दौरान एक सवाल के जवाब में ठाकरे ने रहस्यमय तरीके से कहा कि यह (भगवा) उनका पसंदीदा रंग है जो ‘‘किसी भी लॉन्ड्री में धुलाई से जाएगा नहीं.’’ मुख्यमंत्री से यह सवाल उनके द्वारा पहने गए भगवा रंग के कुर्ते के बारे में किया गया था.

मीडियाकर्मियों से बातचीत में ठाकरे ने यह भी कहा कि वह अनपेक्षित रूप से मुख्यमंत्री बने लेकिन वह इस जिम्मेदारी से भागना नहीं चाहते थे. उन्होंने अपने पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान को लेकर उन पर तंज किया जिसमें भाजपा नेता ने कहा था, ‘‘मैं फिर से आउंगा (मुख्यमंत्री के तौर पर).’’ लेकिन मैंने यह घोषणा नहीं की थी, ‘‘ मैं (ठाकरे) मुख्यमंत्री बनूंगा.’’

इस दौरान उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे. उद्धव ने कहा कि वह प्रदेश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिसका जन्म मुंबई में हुआ. उन्होंने कहा कि वह शहर का विकास सुनिश्चित करने के लिये योजनाओं पर काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार करदाताओं की एक-एक पैसे के लिये जवाबदेह होगी.

ठाकरे ने पत्रकारों के उस सवाल का भी सीधा जवाब नहीं दिया, जिसके तहत उनसे पूछा गया था कि क्या वह दक्षिण मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ में रहने जाएंगे. दरअसल, अभी वह उपनगरीय बांद्रा स्थित अपने आवास ‘मातोश्री’ में रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि “लोगों से मिलने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जो कुछ भी करना होगा” वह करेंगे.

(इनपुट भाषा)