मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार कर्नाटक (Karnataka) के उन इलाकों को राज्य में शामिल करने के लिये प्रतिबद्ध हैं जहां मराठी भाषी लोगों की बहुलता है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि इस उद्देश्य के लिए बलिदान देने वालों के लिए यह ‘‘सच्ची श्रद्धांजलि’’ होगी. महाराष्ट्र राज्य भाषायी आधार पर बेलगाम तथा अन्य इलाकों पर दावा जताता है जो पूर्ववर्ती बॉम्बे प्रेसिडेंसी का हिस्सा थे लेकिन अब कर्नाटक राज्य में आते हैं. Also Read - West Bengal Polls: पश्चिम बंगाल में शिवसेना नहीं लड़ेगी विधानसभा चुनाव, ममता बनर्जी का करेगी समर्थन

बेलगाम तथा कुछ अन्य सीमावर्ती इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करवाने के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्रीय संगठन महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने उन लोगों की याद में 17 जनवरी को ‘‘शहीदी दिवस’’ मनाया, जो इस उद्देश्य के लिए लड़ते हुए 1956 में मारे गए थे. Also Read - Janta Curfew News: कोरोना के बढ़ते मामले को को देखते हुए महाराष्ट्र के लातूर जिले में 27-28 फरवरी को 'जनता कर्फ्यू'

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट किया गया, ‘‘सीमा विवाद में शहीद होने वाले लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी भाषी तथा सांस्कृतिक इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करना. हम इसके लिए एकजुट हैं और हमारी प्रतिज्ञा दृढ़ है. शहीदों के प्रति सम्मान जताते हुए यह वादा करते हैं.’’ Also Read - Karnataka के Chikkaballapur में ब्‍लास्‍ट से 6 लोगों की मौत, PM Modi ने जताया दुख

कर्नाटक के बेलगाम, कारवार और निप्पनी इलाकों पर महाराष्ट्र यह कहकर दावा जताता है कि इन इलाकों में बहुसंख्यक आबादी मराठी भाषी है. बेलगाम समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी विवाद कई वर्षों से उच्चतम न्यायालय में लंबित है.