कोल्हापुर: अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि पिछली सरकारों ने जम्मू-कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से जोड़ने में ’56 इंच के सीने वाले व्यक्ति’ जैसा साहस कभी नहीं दिखाया. महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कोल्हापुर जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि लोगों को कांग्रेस और राकांपा के नेताओं से यह पूछना चाहिए कि क्या वे जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने संबंधी राजग सरकार के निर्णय का समर्थन करते हैं. उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने संबंधी सरकार के कदम पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधा.

 

शाह ने कहा कि देश और महाराष्ट्र के लोगों द्वारा दूसरे कार्यकाल के लिए उन्हें वोट दिये जाने के बाद मोदी जी ने कुछ ऐसा किया, जिसका देश 70 सालों से इंतजार कर रहा था. उन्होंने पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया और जम्मू कश्मीर देश की मुख्यधारा में शामिल हो गया. उन्होंने कहा कि जनसंघ के दिनों से, वे सुनते रहे हैं कि दो प्रधानमंत्री नहीं हो सकते है, दो चिह्न और दो संविधान नहीं हो सकते है, लेकिन यह कांग्रेस ही थी, जिसने अनुच्छेद 370 को लागू किया और कई वर्षों तक जम्मू कश्मीर को भारत से जोड़ने की प्रक्रिया को रोक दिया. उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप आतंकवाद के कारण हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी लेकिन फिर भी अनुच्छेद 370 को हटाने का किसी पार्टी का कोई इरादा नहीं था. शाह ने कहा कि कई सरकारें आई और गई, कई प्रधानमंत्री आये और गये. किसी ने अनुच्छेद 370 को हटाये जाने का साहस नहीं दिखाया था. लेकिन, 56 इंच के सीने वाले व्यक्ति ने इसे एक बार में ही खत्म कर दिया. उन्होंने कहा कि संप्रग शासन के दौरान पाकिस्तान से आतंकवादी घुसपैठ किया करते थे और भारतीय सैनिकों को मार देते थे.

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भाजपा नेता ने कहा कि वे हमारे सैनिकों के सिर काट दिया करते थे, लेकिन उस समय के प्रधानमंत्री ‘मौनी बाबा’ मनमोहन सिंह ने कभी भी एक शब्द नहीं बोला. लेकिन उरी और पुलवामा हमलों के बाद मोदीजी ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘एयर स्ट्राइक’ के जरिये उनके ठिकानों पर जाकर आतंकवादियों को मारने का साहस दिखाया. उन्होंने ‘तीन तलाक’ की प्रथा पर प्रतिबंध लगाये जाने संबंधी सरकार के फैसले पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमने जब तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाया तो उन्होंने (विपक्ष) विरोध जताया. कोल्हापुर और सांगली में अगस्त में आई बाढ़ को लेकर उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि केन्द्र तथा राज्य सरकार दोनों जिलों का रूपांतरण कर देगी और ‘‘उन्हें और बेहतर तथा सुंदर बनाएगी.

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस-राकांपा की पिछली सरकार ने सिंचाई पर 70 हजार करोड़ रुपये खर्च कर दिये लेकिन किसी भी गांव में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची. शाह ने कहा कि लेकिन देवेन्द्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद केवल नौ हजार करोड़ रुपये खर्च किये गये और ‘जलयुक्त शिवर’ (जल संरक्षण) योजना की मदद से 11 हजार से अधिक गांव सिंचित हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार के दौरान भ्रष्टाचार व्याप्त था. शाह ने लोगों से फडणवीस सरकार को एक बार फिर वोट देने की अपील की ताकि राज्य हर क्षेत्र में नम्बर एक बन सके.

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