नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में 30 साल पुराना बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन टूट गया है. विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों पार्टियों के बीच 50-50 फार्मूले को लेकर मतभेद बढ़ गए. शिवसेना जहां, अपना सीएम बनाने की जिद पर अड़ गई, वहीं बीजेपी ऐसे किसी वादे करने की बात से साफ इनकार कर दिया. शिवसेना अपना मुख्‍यमंत्री बनाने के लिए जहां, एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन पाने की जद्दोजहद कर रही है, वहीं, बीजेपी के कुछ नेताओं पर उस पर तंज कसना शुरू कर दिया है.

बीजेपी के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक फोटो ट्वीट करके शिवसेना पर तंज कसा है. इस फोटो में बीजेपी नेता व पूर्व पीएम स्‍वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी, लालकृष्‍ण आडवाणी और बाला साहेब ठाकरे एक साथ दिखाई दे रहे हैं. वहीं,  भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता और नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने सोमवार को ट्वीट कर तंज कसा, “शिवसेना का क्रमिक विकास..बाला साहेब की सेना से सोनिया सेना तक.

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया है, ”बाला साहेब के वर्षों की तपस्या ने सनातनियों को महाराष्ट्र में एक उम्मीद और पहचान दिया ..आज हिंदुत्व विरोधियों के साथ जाता देख बाला साहेब और शिवसैनिक कराह रहे होंगे. इतिहास गवाही देगा की कैसे बालासाहेब ने सबको एक किया और कुछ ने सबको बिख़ेर दिया.”

बता दें कि महाराष्‍ट्र में सोमवार तक शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस से समर्थन पत्र हासिल नहीं कर पाई है. हालांकि, उसने दावा किया दोनों पार्टियां उसकी सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं. शिवसेना ने जब राज्‍यपाल से तीन दिन की और मोहलत मांगी तो उन्‍होंने इसे ठुकरा दिया और सोमवार को ही राज्‍यपाल से एनसीपी को बुलाया है. मंगवाल को एनसीपी के नेता राज्‍यपाल से मिलेंगे. वहीं, बीजेपी वेट एंड वॉच की नीति बनाए हुए पूरे घटनाक्रम पर नजर लगाए हुए है. कांग्रेस का शीर्ष अभी तक इस मामले में अपना को रुख साफ नहीं कर सका.

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 105 सदस्यों के बाद 56 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के पास सरकार बनाने का दावा करने के लिए सोमवार शाम साढ़े सात बजे तक का समय था. इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी. एनसीपी के 54 विधायक हैं और कांग्रेस के 44 विधायक हैं.

विभिन्न घटनाक्रम के बीच उद्धव ठाकरे ने मुंबई के एक होटल में पवार से मुलाकात की. कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर के एक रिसॉर्ट में रखा है. उधर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने सोमवार को ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था.

सरकार गठन के लिए गतिरोध 18वें दिन भी जारी रहा और राष्ट्रपति शासन के आसार बढ़ रहे हैं. कांग्रेस वैचारिक रूप से अपनी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के साथ समझौते का कोई फैसला लेने में तत्‍परता नहीं दिखाई और उसने शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर चुनाव पूर्व की अपनी सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ आगे और बातचीत करने का फैसला किया है.