मुंबई: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बाम्‍बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के समक्ष एक और हलफनामा दिया, जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता अजित पवार को विदर्भ सिंचाई विकास निगम (वीआईडीसी) के तहत आने वाली 12 परियोजनाओं से जुड़े कथित घोटालों में क्लीन चिट दी गई. बता दें प्रदेश में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन वाली महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार के प्रदेश में शपथ लेने से एक दिन पहले 27 नवंबर को यह हलफनामा दायर किया गया था.

एसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी नेबताया कि एजेंसी के महानिदेशक परमबीर सिंह ने नागपुर पीठ के समक्ष एक हलफनामा दायर कर कहा कि पूर्व सिंचाई मंत्री पवार को वीआईडीसी के तहत 12 सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े मामले में क्लीन चिट दी गई है.

इस हलफनामे पर 19 दिसंबर की तारीख है. इसमें कहा गया, अजित पवार की भूमिका के संदर्भ में, विशेष जांच दल द्वारा की गई जांच के दौरान किसी आपराधिक दायित्व का खुलासा नहीं हुआ.

एसीबी ने इससे पहले भी इसी पीठ में एक हलफमाना दायर किया था. इसमें उसने विदर्भ क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देने में अनियमितताओं में पवार की भूमिका से इनकार किया था.

प्रदेश में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन वाली महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार के प्रदेश में शपथ लेने से एक दिन पहले 27 नवंबर को यह हलफनामा दायर किया गया था.

पुणे जिले के बारामती से राकांपा विधायक पवार महाराष्ट्र में 1999-2009 के बीच कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौरान जल संसाधन विकास मंत्री थे. पवार वीआईडीसी के भी अध्यक्ष थे, जिसने कथित अनियमितताओं वाली परियोजनाओं के लिए मंजूरी दी थी.