पुणे| पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200 वीं सालगिरह पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सोमवार को हुई हिंसा में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है. हिंसा में कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया. मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने  न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. बता दें कि भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने पेशवा की सेना को हराया था. दलित नेता इस ब्रिटिश जीत का जश्न मनाते हैं. ऐसा समझा जाता है कि तब अछूत समझे जाने वाले महार समुदाय के सैनिक ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना की ओर से लड़े थे.Also Read - Maharashtra Violence: हिंसा भड़कने से रोकने के लिए एडीजी रैंक के 4 सीनियर IPS अफसरों को विभिन्न शहरों में भेजा गया

Also Read - Aryan Khan केस में NCB के गवाह किरण गोसावी को कोर्ट ने 5 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा, धोखाधड़ी का है आरोप

हालांकि, पुणे में कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने इस ‘ब्रिटिश जीत’ का जश्न मनाए जाने का विरोध किया था. पुलिस ने बताया कि जब लोग गांव में युद्ध स्मारक की ओर बढ़ रहे थे तो शिरूर तहसील स्थित भीमा कोरेगांव में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है. हिंसा तब शुरू हुई जब एक स्थानीय समूह और भीड़ के कुछ सदस्यों के बीच स्मारक की ओर जाने के दौरान किसी मुद्दे पर बहस हुई. Also Read - 'सालभर में जाएगी समीर वानखेड़े की नौकरी'; महाराष्ट्र सरकार के मंत्री बोले- अब आपको जेल में देखे बिना...

लोकल ट्रेन रोकी, दुकानें बंद कराईं

महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा कोरेगांव युद्ध के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को लेकर आक्रोश आज भी जारी रहा और प्रदर्शनकारियों ने हार्बर लाइन पर उपनगरीय और स्थानीय ट्रेन सेवाएं बाधित कर दीं. प्रदर्शनकारियों में मुंबई के कई इलाकों में सड़कें अवरूद्ध कर दीं, दुकानें बंद करा दीं और एक टेलीविजन समाचार चैनल के पत्रकार पर हमला भी किया. ताजा घटनाक्रम में मध्य रेलवे ने अपने हार्बर कॉरिडोर पर कुर्ला और वाशी के बीच उपनगरीय सेवाएं निलंबित कर दी और सीएसएमटी-कुर्ला और वाशी-पनवेल खंड के बीच विशेष सेवाएं चला रही है. मध्य रेलवे के सभी स्टेशनों पर इस सेवा की घोषणा की जा रही है.

एक अधिकारी ने बताया कि पुणे में कल युद्ध की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में एक व्यक्ति की मौत से आक्रोशित लोगों के समूहों ने आज सुबह शहर के पूर्वी उपनगरीय इलाकों चेम्बूर, विखरोली, मानखुर्द और गोवंडी में विरोध प्रदर्शन किया और दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद करने पर मजबूर कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अमर महल इलाके में विरोध प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक टीवी समाचार चैनल के एक पत्रकार पर हमला किया. हालांकि वह बच गया.

अधिकारी ने कहा कि ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर प्रियदर्शन, कुर्ला, सिद्धार्थ कॉलोनी और अमर महल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुट गयी और उन्होंने जुलूस निकाला एवं सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने हार्बर लाइन के गोवंडी एवं चेम्बूर रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय ट्रेन सेवाएं रोक दीं. भीमा कोरेगांव की सुरक्षा के लिये तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बहस के बाद पथराव शुरू हुआ. हिंसा के दौरान कुछ वाहनों और पास में स्थित एक मकान को क्षति पहुंचाई गई.

सियासी बयानबाजी

वहीं, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, “लोग वहां 200 साल से जा रहे हैं. कभी भी ऐसा नहीं हुआ. सभी को उम्मीद थी कि 200वीं सालगिरह पर ज्यादा लोग जमा होंगे. इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत थी.”

वहीं, केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उन्होंने इस बारे में सूबे के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से बात की है और उनसे कार्रवाई की मांग की है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की हैं.

भाषा इनपुट