नई दिल्‍ली: बीजेपी-शिवसेना के बीच मुख्‍यमंत्री पद को लेकर जारी टकराव के बीच अब कांग्रेस और एनसीपी के अंदर से शिवसेना को समर्थन देने के लिए आवाजें उठने लगी हैं. एनसीपी के सीनियर नेता छगन भुजबल ने कहा कि शिवसेना को मुख्‍यमंत्री पद के लिए दावा करना चाहिए. अगर वह (शिवसेना) समर्थन मांगती है तो कांग्रेस और राकांपा सकारात्मक रूप से विचार करेंगी. वहीं, कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत ने ने कहा है कि महाराष्ट्र को नैतिक रूप से भ्रष्ट भाजपा से बचाना होगा.

कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं के इन बयानों से जहां शिवसेना के प्रति सहनुभूति नजर आ रही है और बीजेपी के प्रति भयंकर विरोध तो क्‍या कांग्रेस-एनसीपी शिवसेना को समर्थन देने के लिए बहाने तलाश रही है.

1990 के दशक में शिवसेना छोड़ने वाले भुजबल ने कहा, मैंने चुनाव परिणाम आने के एक दिन बाद कहा था कि शिवसेना को फैसला करना चाहिए कि उसे मुख्यमंत्री का पद चाहिए या उपमुख्यमंत्री का…उसे साहस दिखाना चाहिए और मुख्यमंत्री पद का दावा करना चाहिए…जब वह कोई प्रस्ताव (समर्थन मांगने) भेजेगी, तो कांग्रेस-राकांपा निश्चित तौर पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगी.

वहीं, कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत ने एक ट्वीट किया, ”शिवसेना, भाजपा की गठबंधन सहयोगी और महायुति का हिस्सा है. अगर उसे डर लगता है कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदेगी तो हम बहुत अच्छी तरह समझ सकते हैं कि भाजपा नैतिक रूप से कितनी भ्रष्ट है और क्यों हमें महाराष्ट्र को उनसे बचाना चाहिए.”

सावंत ने ट्वीट किया, ”क्या महायुति के पास अब सरकार बनाने का नैतिक अधिकार है?” वह राजनीतिक अनिश्चितता के बीच शिवसेना के अपने विधायकों को बांद्रा उपगनर के रंगशारदा होटल में ठहराने के फैसले का जिक्र कर रहे थे.

कांग्रेस ने बीजेपी साधा न‍िशाना 
भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय झा ने कहा कि खंडाला, अलीबाग, माथेरान और मड आइलैंड जैसे मुंबई के समीप के स्थानों में रिजार्ट जल्द ही बुक किए जा सकते हैं.

कुछ विधायकों को लालच दिया गया
भाजपा का नाम लिए बगैर राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटील ने यह भी दावा किया कि कुछ विधायकों को लालच दिया गया है. पाटील ने कहा, कुछ विधायकों को अब लालच दिया गया है, लेकिन अगर कोई भाजपा के खेमे में जाता है तो अन्य दल एकजुट होंगे और उन्हें उपचुनाव में हराएंगे. बहरहाल, उन्होंने कहा कि राकांपा विधायकों को लालच नहीं दिया गया है. (इनपुट: भाषा)