मुंबई: बीजेपी नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि डीएचएफएल के प्रवर्तकों के एनसीपी प्रमुख शरद पवार और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ करीबी संबंध हैं. उन्होंने लॉकडाउन जारी रहने के बावजूद डीएचएफएल के प्रवर्तकों कपिल और धीरज वधावन को यात्रा की अनुमति देने के मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की. Also Read - क्या अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की कोरोना से हुई मौत?, सोशल मीडिया में अटकलों का बाजार गर्म

पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने कहा कि इस घटना के बाद गृह विभाग में प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेजने की सरकार की कार्रवाई महज दिखावा है. Also Read - राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा 10128, अब तक मृतक संख्‍या 219

लोकसभा के पूर्व सदस्य ने यह भी जानना चाहा कि किसके निर्देशों पर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपी वधावन भाइयों के साथ वीवीआईपी सुलूक किया गया. बहरहाल, एनसीपी ने पार्टी के नेताओं के खिलाफ सोमैया के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह गैरजिम्मेदाराना बयानों के लिए विख्यात हैं. Also Read - अगले हफ्ते से खुलेंगे तिरुमला मंदिर और सबरीमला मंदिर के पट, शर्तों के साथ मिलेगा प्रवेश

सोमैया ने कहा, ”शरद पवार और राकांपा नेताओं की वधावन भाइयों के साथ करीबी जगजाहिर है. अनिल देशमुख को जिम्मेदोरी लेनी चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”गुप्ता को अवकाश पर भेजना और कुछ नहीं बल्कि दिखावा है. हमें अनिल देशमुख का इस्तीफा चाहिए.”

इससे पहले, सुबह में देशमुख ने घोषणा की थी कि वधावन परिवार के सदस्यों को सतारा जिले के लोकप्रिय हिल स्टेशन, महाबलेश्वर की यात्रा की अनुमति देने वाले गुप्ता को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया है. अधिकारी ने वधावन परिवार में आपात स्थिति का हवाला देकर उसके सदस्यों को बंद के नियमों से छूट देने का पत्र जारी किया था.

देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया. स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वधावन परिवार तथा अन्य ने बुधवार शाम अपनी कार से खंडाला से महाबलेश्वर तक की यात्रा की जबकि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रभावी बंद के बीच पुणे और सतारा दोनों जिलों को सील किया गया है. कपिल और धीरज वधावन यस बैंक और डीएचएफएल धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं.