नई दिल्‍ली: सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर दिल्‍ली के शाहीनबाग में चल रहे महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान का ये विवादित वीडियो सामने आया है. ये वीडियो महाराष्‍ट्र के एआईएमआईएम नेता वारिस पठान का है. Also Read - Video: दिल्‍ली में 82 साल के वृद्ध ने कोरोना वायरस को दी मात, मेडिकल स्‍टाफ ने यूं जताई खुशी

इस वीडियो में एआईएमआईएम नेता वारिस पठान कहते नजर आ रहे हैं,” वे हमें कह रहे हैं कि हमने अपनी महिलाओं को आगे कर दिया है. केवल अकेलेे पड़ गए हैैं  और तुम तो पहले से ही पशीना बहा रहे हो. तुम समझ सकते हो कि क्‍या होगा अगर हम इकट्ठे होकर आ गए. 15 करोड़ हैं मगर 100 के ऊपर भारी हैं. ये याद रखना. Also Read - भोपाल में हिस्‍ट्रीशीटरों समेत उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिस पर किया हमला

ये वीडियो बीते 15फरवरी का है. बता दें एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैशी सीएए के खिलाफ बहुत ज्‍यादा मुखर हैं और वह भी लगातार आक्रामक बने हुए हैं. Also Read - दिल्ली में निजामुद्दीन कार्यक्रम पर शरद पवार ने उठाए सवाल, पूछा -'अनुमति किसने दी?'

बता दें कि शाहीन बाग में बीते दो महीने से सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं.शाहीन बाग सीएए विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है. 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त दो वार्ताकारों ने बुधवार को शाहीन बाग पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की. वार्ताकारों अधिवक्ता संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन के साथ पूर्व नौकरशाह वजाहत हबीबुल्ला महिलाओं से बातचीत करने और गतिरोध को तोड़ने की कोशिश में शाहीन बाग पहुंचे थे.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि शाहीन बाग में सड़क की नाकाबंदी से परेशानी हो रही है। न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों के विरोध के अधिकार को बरकरार रखते हुए सुझाव दिया कि वे किसी अन्य जगह पर जा सकते हैं जहां कोई सार्वजनिक स्थान अवरुद्ध न हो.

शीर्ष अदालत ने हेगड़े को एक वार्ताकार के रूप में प्रदर्शनकारियों को एक वैकल्पिक स्थल पर चले जाने के लिए मनाने में रचनात्मक भूमिका निभाने को कहा था.

शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि वार्ताकार हबीबुल्लाह की सहायता ले सकते हैं. बता दें कि कि 16 दिसंबर से जारी धरने के चलते दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बंद है, जिससे यात्रियों और स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हो रही है.