नई दिल्‍ली: सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर दिल्‍ली के शाहीनबाग में चल रहे महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान का ये विवादित वीडियो सामने आया है. ये वीडियो महाराष्‍ट्र के एआईएमआईएम नेता वारिस पठान का है. Also Read - Delhi Weather Report: अचानक बदला दिल्ली का मौसम, कुछ इलाकों में बारिश से लुढ़का पारा

इस वीडियो में एआईएमआईएम नेता वारिस पठान कहते नजर आ रहे हैं,” वे हमें कह रहे हैं कि हमने अपनी महिलाओं को आगे कर दिया है. केवल अकेलेे पड़ गए हैैं  और तुम तो पहले से ही पशीना बहा रहे हो. तुम समझ सकते हो कि क्‍या होगा अगर हम इकट्ठे होकर आ गए. 15 करोड़ हैं मगर 100 के ऊपर भारी हैं. ये याद रखना. Also Read - Covid-19 In Delhi Updates: कोरोना के कहर में कमी दिखी, 13000 नए केस, आप बोली- ऑक्‍सीजन कम म‍िली

ये वीडियो बीते 15फरवरी का है. बता दें एआईएमआईएम प्रमुख असुद्दीन ओवैशी सीएए के खिलाफ बहुत ज्‍यादा मुखर हैं और वह भी लगातार आक्रामक बने हुए हैं. Also Read - Delhi में पब्लिक प्‍लेस में होने वाली शादियों पर बैन, सिर्फ शर्तों के साथ इजाजत, मेहमानों की संख्‍या सीमित

बता दें कि शाहीन बाग में बीते दो महीने से सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं.शाहीन बाग सीएए विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है. 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त दो वार्ताकारों ने बुधवार को शाहीन बाग पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की. वार्ताकारों अधिवक्ता संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन के साथ पूर्व नौकरशाह वजाहत हबीबुल्ला महिलाओं से बातचीत करने और गतिरोध को तोड़ने की कोशिश में शाहीन बाग पहुंचे थे.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि शाहीन बाग में सड़क की नाकाबंदी से परेशानी हो रही है। न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों के विरोध के अधिकार को बरकरार रखते हुए सुझाव दिया कि वे किसी अन्य जगह पर जा सकते हैं जहां कोई सार्वजनिक स्थान अवरुद्ध न हो.

शीर्ष अदालत ने हेगड़े को एक वार्ताकार के रूप में प्रदर्शनकारियों को एक वैकल्पिक स्थल पर चले जाने के लिए मनाने में रचनात्मक भूमिका निभाने को कहा था.

शीर्ष कोर्ट ने कहा था कि वार्ताकार हबीबुल्लाह की सहायता ले सकते हैं. बता दें कि कि 16 दिसंबर से जारी धरने के चलते दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बंद है, जिससे यात्रियों और स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हो रही है.