मुंबई: शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्वनी कुमार के कथित ‘आत्महत्या’ से वह स्तब्ध है और उसे आश्चर्य है कि आखिर किसी को उनकी संदिग्ध मौत की वजह जानने में क्यों कोई रुचि नहीं है.. वहीं, कंगना रनौत का नाम लिए बिना संपादकीय में कहा गया, ”अभिनेत्री, जो इस समय हिमाचल प्रदेश में ही रह रही हैं, उन्हें बोलना चाहिए कि क्या कुमार वास्तव में अपनी जिंदगी से तंग आ गए थे या वह किसी दबाव में थे.” Also Read - Hathras case Latest Updates: कहां तक पहुंची हाथरस मामले की सीबीआई जांच? अब आरोपियों की बारी

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में लिखा, ”यह अविश्वसनीय है कि कुमार जैसे व्यक्ति, जो न केवल सीबीआई के निदेशक थे और हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक थे बल्कि सेवामुक्त होने के बाद नगालैंड और मणिपुर के राज्यपाल भी थे, अपनी जिंदगी खत्म कर सकते हैं. उन्होंने विशेष क्षमता के साथ विशेष रक्षा समूह (एसपीजी) में भी अपनी सेवाएं दी.’’ Also Read - बलिया गोलीकांड: आरोपी धीरेंद्र की आज कोर्ट में होगी पेशी, CBI जांच की मांग

बता दें कि पूर्व सीबीआई प्रमुख अश्विनी कुमार कुमार बुधवार को शिमला के अपने आवास पर फंदे से लटके हुए मिले थे. अधिकारियों ने बताया कि 69 वर्षीय कुमार ने सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें लिखा कि वह नई यात्रा पर जा रहे हैं. Also Read - कंगना ने भाई को शादी से पहले लगाई हल्दी, रस्मों की तस्वीरें और वीडियो वायरल   

संपादकीय में लिखा गया कि अखिल भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी मानसिक और शारीरिक रूप में मजबूत थे और इसलिए दशकों के करियर में अहम जिम्मेदारी दी गई.

मराठी भाषा में प्रकाशित सामना ने लिखा, ”ऐसा व्यक्ति अपनी जिंदगी खत्म कर लेता है और कोई सवाल नहीं करता…यह आश्चर्यजनक है.” कंगना रनौत का नाम लिए बिना संपादकीय में कहा गया, ”अभिनेत्री, जो इस समय हिमाचल प्रदेश में ही रह रही हैं, उन्हें बोलना चाहिए कि क्या कुमार वास्तव में अपनी जिंदगी से तंग आ गए थे या वह किसी दबाव में थे.”

शिवसेना ने कहा कि समाचार चैनलों को भी उन परिस्थितियों के बार में बोलना चाहिए, जिनकी वजह से कुमार ने आत्महत्या की. सामना ने कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में जो सवाल उठे थे वह कुमार मामले में भी सामने आते हैं.

मुखपत्र ने लिखा, ”सुशांत रील-लाइफ (फिल्मी दुनिया के) के नायक थे, जबकि कुमार रीयल-लाइफ (वास्तविक जीवन के) नायक थे.” संपादकीय ने कहा कि चिकित्सीय सबूत होने के बावजूद कुछ लोग यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी.

सामना ने खिला, लेकिन (कुमार की मौत के पीछे के) इस राज को जानने में किसी की भी रुचि नहीं है. समय बहुत मुश्किल है.”

बता दें हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा, ”हमें सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने (कुमार) लिखा है कि वह नयी यात्रा पर रवाना हो रहे है. जब वह कमरे में गए तब परिवार के सदस्य मौजूद थे. उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद किया और नायलॉन की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.” उन्होंने कहा, ”परिवार ने किसी गड़बड़ी की आंशका से इनकार किया है. हमने कमरे में मौजूद सभी सामान को सील कर दिया है.”