पुणे: महराष्‍ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में जिस तरह से मुख्‍यमंत्री की कुर्सी को लेकर ठन गई है, उसे देखते हुए कांग्रेस और एनसीपी नई संभावनाएं तलाश रहीं हैं. कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने कहा है कि अगर शिवसेना से कोई ठोस प्रस्‍ताव मिलता है तो पार्टी  उस पर विचार करेगी. ये बात महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने मंगलवार को कही. वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा कि यदि भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत साबित करने में नाकाम रहती है, तो एक वैकल्पिक सरकार के गठन पर विचार किया जा सकता है. बता दें माना जा रहा है कि मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आने वाले दिनों में जल्‍द ही सीएम के पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं.

चव्हाण ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में सरकार गठन के लिए शिवसेना से कोई ठोस प्रस्ताव मिलने पर विचार करेगी. दरअसल, राज्य में सत्ता की साझेदारी के लिए शिवसेना और भाजपा के बीच रस्साकशी चल रही है.

शिवसेना और भाजपा ने 21 अक्टूबर का विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था और इसमें शिवसेना को 56 और बीजेपी को 105 सीटों पर जीत मिली. लेकिन राज्य में नई सरकार के गठन के लिए दोनों दल अपने रूख में नरमी के संकेत नहीं दे रहे हैं. शिवसेना करीब ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद मांग रही है, जबकि भाजपा ने इसे खारिज कर दिया है.

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने यह टिप्पणी की. वहीं, शिवसेना ने सरकार गठन पर भाजपा के साथ अपनी बैठक मंगलवार को रद्द कर दी. बैठक रद्द किये जाने के कुछ घंटे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने इस बात से इनकार किया कि सत्ता साझेदारी फार्मूले के तहत शिवसेना को 2.6 साल के लिए मुख्यमंत्री पद का भरोसा दिलाया गया है.

कांग्रेस नेता चव्हाण ने कहा, हमें शिवसेना से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं मिला है. हम इस पर पहल नहीं कर सकते. लेकिन यदि शिवेसना की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव आता है तो हम उस पर विचार करेंगे और इस पर पार्टी आलाकमान के साथ चर्चा करेंगे.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिवसेना का कोई भी प्रस्ताव अवश्य ही दोनों दलों–कांग्रेस और एनसीपी के लिए होना चाहिए, जिन्होंने 21 अक्टूबर का चुनाव साथ मिल कर लड़ा था और कांग्रेस ने 44 और एनसीपी ने 54 सीटें हासिल की थी. चव्हाण (73) हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कराड़ दक्षिण सीट से विजयी हुए हैं.

मलिक ने कहा, राज्यपाल (भगत सिंह कोश्यिारी) अगले कुछ दिनों में देवेंद्र जी को सरकार बनाने का न्यौता दे सकते हैं. सवाल यह है कि क्या शिवसेना के मंत्री शपथ लेते हैं या नहीं (फड़णवीस के साथ). और वह (फड़णवीस) को 14-15 दिनों में सदन में अपना संख्या बल साबित करनी होगी. राकांपा नेता कहा कि यदि शिवसेना सदन में सरकार गिरने की वजह बनती है.‘तो हम इस बारे में सोच सकते हैं कि क्या किया जा सकता है. पार्टी प्रमुख शरद पवार के शिवसेना के साथ जाने की किसी संभावना से इनकार करने के कुछ दिनों बाद मलिक का यह बयान आया है.