Wine is not liquor: शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि वाइन शराब नहीं होती (Wine is not liquor). यह कहते हुए उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सुपरमार्केट और वॉक-इन-स्टोरों पर वाइन बेचने के फैसले का बचाव किया है. उनका कहना है कि यह कदम किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उठाया गया है. राज्य में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही है. बीजेपी के विरोध करने पर संजय राउत (Sanjay Raut) का कहना है कि यह पार्टी सिर्फ विरोध करती है, इन्होंने किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया.Also Read - 'हमारे लिए जनता सबसे पहले है', पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में कटौती के बाद कहा

बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्मयंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने गुरुवार को एक नई पॉलिसी को को मुंजूरी दी. इसके तहत अब सुपर मार्केट (Super Market) और अन्य स्टोरों पर भी वाइन बेची जा सकती है. राज्य के मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) ने यह कहते हुए सरकार के इस फैसले से सभी को सूचित किया कि उन सुपरमार्केट और स्टोर पर वाइन बेचने की अनुमति होगी, जिनका क्षेत्रफल 1000 स्क्वायर फुट से अधिक होगा. Also Read - गुजरात में पार-तापी-नर्मदा नदी जोड़ो परियोजना रद्द, विरोध के बाद सीएम भूपेंद्र पटेल का बड़ा फैसला

मलिक के अनुसार, सरकार के इस कदम से वाइन बनाने वालों और महाराष्ट्र के किसानों को भी फायदा होगा. सरकार का उद्देशय इस कदम के जरिए राजस्व बढ़ाना भी है. उम्मीद है कि इस फैसले से राज्य के खजाने में करोड़ों रुपये का राजस्व आएगा. सरकार के इस फैसले के बाद अब जल्द ही 1000 स्क्वायर फीट से बड़े क्षेत्रफल वाले सुपरमार्केट, जनरल स्टोर और वॉक-इन स्टोर पर वाइन उपलब्ध होगी. Also Read - मध्य प्रदेश में सड़कों पर ठेला लेकर निकलेंगे सीएम शिवराज सिंह चौहान, जानें वजह

राज्य सरकार की मौजूदा पॉलिसी के अनुसार अभी वाइन सिर्फ शराब बिक्री केंद्रों पर ही उपलब्ध होती है. एक रिपोर्ट के अनुसार देश की वाइन इंडस्ट्री की 64 फीसद निर्माण इकाइयां महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में भी नासिक, सांग्ली, पुणे, सोलापुर, बुल्ढ़ाणा और अहमदनगर में सबसे ज्यादा वाइन फैक्टरी हैं.

(इनपुट – एजेंसियां)