नागपुर: महिला दिवस से पहले एक अनोखी पहल के तौर पर महाराष्ट्र में बुलढाणा जिला प्रशासन सरकारी विद्यालयों की मेधावी लड़कियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘एक दिन के लिए कलेक्टर’ के रूप में कार्य करने का अवसर दे रहा है. बुलढाणा की कलेक्टर सुमन चंद्रा ने बुधवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि यह पहल लड़कियों को प्रशासन की कार्यप्रणाली और सामाजिक एवं अन्य मुद्दों से निपटने के बारे में जागरूक करेगा. Also Read - VIDEO: इस पाकिस्तानी गाने में आखिर ऐसा क्या है खास, जो इसे शेयर करने से भारतीय भी खुद को नहीं रोक पाए

चंद्रा ने कहा कि इस पहल के तहत, जिला परिषद के विद्यालयों की उत्कृष्ट और मेधावी लड़कियों को शासन के प्रत्यक्ष अनुभव के लिए एक दिन के लिए कलेक्टर बनने और उनकी कुर्सी पर बैठने का अवसर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे लड़कियों को यह फैसला करने का मौका मिलेगा कि अगर उन्हें ऐसा कोई अवसर दिया जाए, तो वे समाज में क्या बदलाव लाना चाहेंगी. कलेक्टर ने कहा कि इस विचार का मकसद लड़कियों में उनके लक्ष्य के प्रति आत्मविश्वास जगाना और इस दिशा में उन्हें अधिक प्रेरित करने के साथ-साथ आसपास की अन्य लड़कियों को बेहतर प्रदर्शन करने और समाज की रूढिवादिता को तोड़ने के लिए प्रेरित करना है. चंद्रा ने कहा कि आज, मलकापुर तालुका में एक जिला परिषद स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा मारिया आई और हमसे जुड़ी. वह जनगणना को लेकर एक बैठक में भाग लेगी और समझेगी कि जनगणना कैसे होती है. वह जनगणना गतिविधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की देखरेख करेंगी. उन्होंने कहा कि यह उनमें शासन और प्रशासन के प्रति समझ पैदा करेगा. Also Read - सरकार का ऐलान, वर्ष 2022 तक देश में बनेंगे 75 लाख महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स 

इस छात्रा ने किया था कलेक्टर के रूप में एक दिन काम
इस अनोखी पहल के पहले दिन, पडोली जिला परिषद स्कूल की आठवीं कक्षा की एक मेधावी छात्रा पूनम देशमुख ने कलेक्टर के रूप में काम किया था और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख की थी. उन्होंने मीडिया से बातचीत की, ‘लोकशाही दिन’ (लोकतंत्र दिवस) के कार्यक्रम में भाग लिया, जिले में हुई बेमौसम बारिश का जायजा लिया. चंद्रा ने कहा कि उसने अपने अनुभव को लेकर प्रसन्नता जाहिर की और पहले से अधिक आत्मविश्वास वाली लड़की बनकर घर गई. महिलाओं के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन इन सात दिनों को ‘पिंक वीक’ के रूप में मना रहा है. Also Read - महिला राजमिस्त्री, सौ वर्षीय एथलीट व मशरूम महिला समेत 15 महिलाएं नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित