नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना शिवाजी से किए जाने को लेकर शिवसेना ने बीजेपी और पीएम पर तीखा हमला बोला है. शिवसेना का कहना है कि शिवाजी ने मोदी की तरह कभी दगों की राजनीति नहीं की. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में पीएम मोदी की तुलना शिवाजी से की थी. शिवसेना नेता संजय राउत से शिवाजी पर एक किताब के लोकार्पण के दौरान उनसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बारे में पूछा गया था. उन्होंने कहा कि मैंने कहीं पढ़ा था कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी की तुलना शिवाजी महाराज से की थी. ठीक है, लेकिन शिवाजी महाराज ने कभी दंगों की राजनीति नहीं की.

क्या कहा था योगी ने
भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रतिनिधि सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि शिवाजी की परंपरा को सरदार पटेल ने निभाया. 665 से अधिक रियासतों का एकीकरण करने वाले सरदार पटेल आधुनिक भारत के शिल्पी थे. कांग्रेस ने उनकी हरदम उपेक्षा की. अगर वह प्रधानमंत्री होते या उनकी असमय मौत नहीं हुई होती तो कश्मीर की समस्या तभी हल हो गई होती. एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने के लिए उसी परंपरा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निभा रहे हैं.

योगी ने कहा था कि 2014 तक गरीबी हटाओ सत्ता पाने के लिए सिर्फ नारा था. गरीबी कैसे हटती है विपक्ष इसे केंद्र और भाजपा शासित राज्यों से सीखे. कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रवाद का सबक लेना चाहिए. देश हित में शिवाजी और मोदी की रणनीति समान है. पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और डोकलाम से चीन को लौटने को मजबूर करना इसका प्रमाण है.

कुछ दिन पहले शिवसेना नेअपनी सहयोगी बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि बीमार चल रहे मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाए रखना बीजेपी की ‘क्रूर और अमानवीय राजनीति’ है. शिवसेना ने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्य में सत्ता गंवाने के बारे में सोचकर डरी हुई है. शिवसेना ने दावा किया था कि पर्रिकर की अनुपस्थिति में तटीय राज्य गोवा में ‘अराजकता’ फैली हुई है. भाजपा इस समस्या से जूझ रही है कि पर्रिकर की जगह किसे लाया जाए क्योंकि पार्टी के पास कोई भी ’उपयुक्त’ चेहरा नहीं है.