नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग (ईसी) के एक फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी की याचिका पर आज आयोग से जवाब मांगा. पार्टी ने ‘आपकी अपनी पार्टी (पीपुल्स)’ के एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकरण के खिलाफ उसकी आपत्ति खारिज करने के आयोग के फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की है. Also Read - डॉक्टर से लेकर सफाईकर्मी तक... अगर कोरोना से गई जान तो परिजनों को 1 करोड़ देगी केजरीवाल सरकार

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने आयोग को नोटिस जारी किया और नवगठित आपकी अपनी पार्टी (पीपुल्स) को फिर से पंजीकृत करने की आप की मांग को लेकर उसकी याचिका पर आयोग का जवाब मांगा. आम आदमी पार्टी इस आधार पर नवगठित पार्टी का फिर से पंजीकरण चाहती है क्योंकि दोनों पार्टियों का संक्षिप्त नाम ‘आप’ ही है और समान नाम होने से मतदाता दिग्भ्रमित हो सकते हैं. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

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वकील अनुपमा श्रीवास्तव के जरिये दायर याचिका में दावा किया गया है कि नयी पार्टी का नाम भी उसके नाम से मिलता-जुलता है और इससे मतदाता दिग्भ्रमित हो सकते हैं. आप ने आयोग के 16 जुलाई के उस आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया है जिसमें उसने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत बतौर राजनीतिक पार्टी आपकी अपनी पार्टी (पीपुल्स) के पंजीकरण पर आप की आपत्ति खारिज कर दी थी।